चंडीगढ़ | पंजाब की भगवंत मान सरकार ने भारतीय सशस्त्र बलों में अपना 4 साल का सेवा कार्यकाल पूरा करने वाले अग्निवीरों (Agniveers) के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। पंजाब सरकार ने सेना से लौटने वाले इन युवाओं को राज्य की सरकारी नौकरियों में आरक्षण (Reservation Policy) देने का निर्णय लिया है। इस आरक्षण नीति की पूरी प्रक्रिया और नीतिगत रूपरेखा (Framework) को अंतिम रूप देने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति (High-Level Committee) का भी गठन कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दी मंजूरी
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अग्निवीरों को इस नीति का लाभ देने के लिए अपनी सैद्धांतिक स्वीकृति (In-principle approval) दे दी है। राज्य सरकार का मानना है कि सेना की कठिन और अनुशासित ट्रेनिंग से निकले इन युवाओं की ऊर्जा, देशभक्ति और दक्षता का उपयोग राज्य के विकास और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने में प्रभावी रूप से किया जा सकता है।
इन प्रमुख विभागों में मिलेगी सीधी प्राथमिकता:
सरकार द्वारा तैयार की गई प्रारंभिक रूपरेखा के अनुसार, अग्निवीरों को उनकी सैन्य पृष्ठभूमि को देखते हुए मुख्य रूप से निम्नलिखित सुरक्षात्मक और सुरक्षा-संबंधी विभागों में आरक्षित सीटें दी जाएंगी:
- पंजाब पुलिस (Punjab Police)
- वन रक्षक (Forest Guards)
- अग्निशमन सेवा (Fire Services)
- जेल विभाग (Prisons Department)
- होम गार्ड (Punjab Home Guards) और अन्य कई प्रशासनिक विभाग।
गठित की गई उच्चस्तरीय समिति जल्द ही आरक्षण के प्रतिशत (Quota Percentage), आयु सीमा में छूट (Age Relaxation) और शारीरिक मानको से जुड़े नियमों का पूरा ड्राफ्ट तैयार कर कैबिनेट के समक्ष पेश करेगी। सरकार के इस कदम से पंजाब के उन हजारों युवाओं को बड़ी सुरक्षा मिलेगी जो अग्निपथ योजना के तहत देश सेवा कर वापस लौटेंगे।