मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ रेंज के डीआईजी (DIG) कलानिधि नैथानी ने भ्रष्टाचार और पुलिस की मनमानी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। डीआईजी ने सिकंदराबाद थाना पुलिस के खिलाफ कड़ा एक्शन लेते हुए थानेदार समेत 7 पुलिसकर्मियों को निलंबित (Suspend) कर दिया है। इन सभी पर बेकसूर लोगों को डरा-धमकाकर अवैध उगाही करने का गंभीर आरोप लगा है।
लाइन हाजिर के बाद सीधे सस्पेंशन
जानकारी के अनुसार, सिकंदराबाद के थाना प्रभारी (SHO) नीरज मलिक को पहले लाइन हाजिर किया गया था, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी ने उन्हें अब निलंबित कर दिया है।
गाज गिरने वाले पुलिसकर्मियों की सूची:
- नीरज मलिक (थानेदार)
- अरुण कुमार (सीनियर इंस्पेक्टर)
- अमित कुमार (जेल चौकी इंचार्ज)
- 4 सिपाही (नाम जांच रिपोर्ट के आधार पर)
क्या है पूरा मामला?
डीआईजी मेरठ कलानिधि नैथानी को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि सिकंदराबाद थाने और जेल चौकी की पुलिस बेकसूर लोगों को फर्जी मामलों में फंसाने की धमकी देकर उनसे मोटी रकम वसूल रही है। डीआईजी ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए गोपनीय जांच बैठाई। जांच में पुलिसकर्मियों द्वारा अवैध उगाही और पद के दुरुपयोग की पुष्टि हुई, जिसके बाद यह बड़ी कार्रवाई की गई।
विभागीय जांच के आदेश
डीआईजी ने न केवल इन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया है, बल्कि उनके खिलाफ कठोर विभागीय जांच (Departmental Inquiry) के भी आदेश दिए हैं। डीआईजी नैथानी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वर्दी की आड़ में भ्रष्टाचार करने वाले किसी भी कर्मचारी या अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।