कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान के दौरान कई जगहों पर ईवीएम (EVM) के साथ छेड़खानी और धांधली की खबरें सामने आने के बाद चुनाव आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज कुमार अग्रवाल ने स्पष्ट किया है कि आयोग गड़बड़ी वाले मतदान केंद्रों पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना रहा है और प्रभावित बूथों पर दोबारा मतदान (Re-polling) कराया जाएगा।
77 मतदान केंद्रों पर गड़बड़ी की आशंका
निर्वाचन सदन के अनुसार, राज्य भर से कुल 77 ऐसे पोलिंग बूथ चिह्नित किए गए हैं, जहाँ ईवीएम से छेड़छाड़ या चुनावी प्रक्रिया में बाधा डालने की शिकायतें मिली हैं। आयोग ने वेबकास्टिंग, पर्यवेक्षकों (Observers) की रिपोर्ट और फील्ड इनपुट के आधार पर इन शिकायतों की जांच शुरू कर दी है।
क्या थी गड़बड़ी?
कई मतदान केंद्रों, विशेषकर दक्षिण 24 परगना के फाल्टा और डायमंड हार्बर क्षेत्रों से शिकायतें आईं कि ईवीएम मशीनों पर खास बटनों को टेप या स्याही से ढंकने की कोशिश की गई थी। आयोग का कहना है कि जहां भी मशीनरी के साथ छेड़छाड़ कर मतदान की गोपनीयता या निष्पक्षता भंग हुई है, वहां का मतदान रद्द माना जाएगा।
2 मई से पहले दोबारा वोटिंग
मनोज अग्रवाल ने पत्रकारों को बताया कि प्रभावित बूथों पर 2 मई (मतगणना से पहले) दोबारा मतदान संपन्न करा लिया जाएगा। इसके लिए चुनाव आयोग के पर्यवेक्षकों की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके आधार पर पुनर्मतदान की आधिकारिक तारीखों का ऐलान आज शाम तक हो सकता है।
सुरक्षा और वेबकास्टिंग पर जोर
निर्वाचन आयुक्त ने कहा, “हमने वेबकास्टिंग के जरिए हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी है। आयोग ने पहले ही अपना रुख साफ कर दिया था कि ईवीएम से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” [2]