वॉशिंगटन/बर्लिन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के बीच जारी तनाव ने वैश्विक राजनीति में नया उबाल ला दिया है। ईरान के परमाणु कार्यक्रम और आर्थिक नीतियों को लेकर ट्रम्प ने जर्मनी के नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है। ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान परमाणु शक्ति संपन्न बनता है, तो पूरी दुनिया उसकी “बंधक” बन सकती है।
ट्रुथ सोशल पर ट्रम्प का करारा प्रहार
डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज को निशाने पर लिया। ट्रम्प ने आरोप लगाया कि मर्ज का यह मानना कि “ईरान के पास परमाणु हथियार होना ठीक है”, एक घातक सोच है। ट्रम्प ने लिखा, “मर्ज को नहीं पता कि वे क्या कह रहे हैं। अगर ईरान के पास परमाणु हथियार आ गए, तो दुनिया फिर कभी पहले जैसी नहीं रहेगी।”
जर्मनी की अर्थव्यवस्था पर तंज
हमले को व्यक्तिगत और राजनीतिक स्तर पर ले जाते हुए ट्रम्प ने जर्मनी की मौजूदा आर्थिक स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “कोई आश्चर्य नहीं कि जर्मनी आर्थिक और अन्य मोर्चों पर इतना खराब प्रदर्शन कर रहा है।” ट्रम्प का यह बयान ऐसे समय में आया है जब जर्मनी की विकास दर और औद्योगिक उत्पादन को लेकर पहले ही कई सवाल उठ रहे हैं।
विवाद की जड़: “अपमान” वाली टिप्पणी
यह जुबानी जंग तब शुरू हुई जब चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने ईरान-अमेरिका संघर्ष पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि ईरान के मुद्दे पर ट्रम्प प्रशासन “अपमानित” (Humiliated) हो रहा है। मर्ज ने अमेरिका की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा था कि वॉशिंगटन के पास इस संघर्ष से बाहर निकलने का कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं है।
ट्रम्प का दावा: “मैं कर रहा हूं ऐतिहासिक कार्रवाई”
आलोचनाओं का जवाब देते हुए ट्रम्प ने दावा किया कि वे ईरान के खिलाफ वह कदम उठा रहे हैं जो पिछले अमेरिकी राष्ट्रपतियों को बहुत पहले कर लेने चाहिए थे। उन्होंने संकेत दिया कि ईरान पर उनका “अधिकतम दबाव” (Maximum Pressure) जारी रहेगा और वे किसी भी कीमत पर तेहरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे।