हथियारों के जखीरे के साथ 2 तस्कर गिरफ्तार: सितारगंज पुलिस और SOG ने नाकाम की बड़ी साजिश

सितारगंज। एसएसपी अजय गणपति के निर्देशन में एसओजी और पुलिस की संयुक्त टीम ने अंतर्राराज्यीय अवैध असलहा तस्करी गिरोह के दो सदस्यों को सिडकुल फेस-टू से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 5 अवैध असला, 222 जिंदा कारतूस और 129 खोखा कारतूस बरामद किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट में प्राथमिकी दर्ज की है।
एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि 8 अप्रैल को एसओजी और कोतवाली सितारगंज पुलिस को सूचना मिली कि दो संदिग्ध व्यक्ति बिना नंबर प्लेट की एक कार में अवैध असलहा लेकर जा रहे है।
सूचना पर पुलिस ने दोनों संदिग्ध व्यक्तियों के गिरफ्तारी के लिए घेराबंदी की और सिडकुल फेस-टू में उनकी कार को रोक लिया। पुलिस ने गांव बिरिया फार्म, सिसैया निवासी हरेंद्र सिंह उर्फ हनी (27) और केशव नगर वार्ड, सितारगंज निवासी निखिल वर्मा उर्फ रानू (27) को मौके पर पकड़ लिया। तलाशी लेने पर पुलिस को कार से भारी मात्रा में अवैध असलहा और कारतूस बरामद हुआ।
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि बीती रात को पुलिस ने उनके घर में दबिश दी थी। इससे घबराकर वह अवैध असलहों को छिपाने के लिए चोरगलिया के जंगल में जा रहे थे। तभी पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। वहीं, मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट में प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस दोनों का न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई कर रही है। वहां एसपी क्राइम जितेंद्र चौधरी, सीओ बीएस धौनी, कोतवाल सुंदरम शर्मा सहित अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहें

प्रारंभिक जांच में किच्छा निवासी दो लोगों के माध्यम से नेटवर्क संचालित करने की हुई पुष्टि, गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम का किया गठन

पत्रकारों से प्रेस वार्ता में एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि दोनों आरोपी अपराधिक किस्म के व्यक्ति हैं। दोनों अपराधिक घटना को अंजाम देने के लिए अंतर्राज्यीय स्तर पर अवैध असलहा की सप्लाई करते थे। पहले से ही दोनों ही आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट और आईपीसी की विभिन्न धाराओं में कई प्राथमिकी दर्ज है।
उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में दोनों के बैंक खातों का अवलोकन करने पर उनके तार जम्मू-कश्मीर निवासी इरफान मीर उर्फ रेहान मीर जुड़े मिलें। जो जम्मू स्थित अल-बद्र नामक आतंकवादी संगठन से जुड़ा व्यक्ति है। हालांकि, अभी इसकी पुष्टि नहीं है।
जांच से यह भी पता चला कि 2021 में आरोपी हरेंद्र सिंह ने जम्मू और कश्मीर निवासी इरफान मीर को अवैध असलहा सप्लाई किया था। इस संबंध में दिल्ली स्पेशल सेल में दोनों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई थी।
उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के माध्यम से दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल्स और बैंक हाथों की जांच की जा रही है। साथ ही, उनके अन्य सहयोगी एवं सप्लायरों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम का गठन कर दबिश दी जा रही है।
जानकारी लेने पर यह भी पता चला कि पुलभट्टा (किच्छा) निवासी इंद्रजीत संधू और पवन संधू के माध्यम से यह नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। दोनों यूपी निवासी किसी किसी व्यक्ति से अवैध असलहा उपलब्ध कराते थे।

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