रुद्रपुर। जनपद की साइबर सेल ने ठगी की रकम को ठिकाने लगाने वाले ‘म्यूल अकाउंट्स’ (Mule Accounts) के खिलाफ अपना शिकंजा कस दिया है। रुद्रपुर और ट्रांजिट कैम्प पुलिस ने दो ऐसे बैंक खातों का पता लगाया है, जिनका इस्तेमाल देश भर में साइबर धोखाधड़ी के लिए किया जा रहा था। इन खातों के जरिए अब तक लाखों रुपयों का अवैध ट्रांजेक्शन किया जा चुका है।

पहला मामला: 1 खाते पर देशभर से 68 शिकायतें

रुद्रपुर पुलिस के अनुसार, एक्सिस बैंक की शाखा का एक संदिग्ध खाता (913020019600966) जांच के घेरे में आया। हैरान करने वाली बात यह है कि इस अकेले खाते के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में 68 साइबर शिकायतें दर्ज हैं। इस खाते के माध्यम से अब तक 4,00,008 रुपये का संदिग्ध लेन-देन किया गया है। वरिष्ठ उपनिरीक्षक के.सी. आर्य की तहरीर पर इस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है।

दूसरा मामला: इंडसइंड बैंक के खाते से ठगी

दूसरा मामला ट्रांजिट कैम्प थाना क्षेत्र का है, जहाँ आवास विकास स्थित इंडसइंड बैंक का खाता संख्या (201035776601) साइबर ठगी की 12 शिकायतों में संलिप्त पाया गया है। इस खाते से 3,63,000 रुपये का संदिग्ध ट्रांजेक्शन हुआ है। उपनिरीक्षक महेश काण्डपाल की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात खाताधारक के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।

क्या होते हैं म्यूल अकाउंट्स?

पुलिस जांच में स्पष्ट हुआ है कि ये खाते वास्तविक बैंकिंग कार्यों के लिए नहीं, बल्कि ठगी की रकम को प्राप्त करने और उसे ‘वॉश’ (खपाने) के उद्देश्य से खोले गए थे। साइबर अपराधी अक्सर भोले-भले लोगों को लालच देकर उनके नाम पर खाते खुलवाते हैं और उनका इस्तेमाल अपराध के लिए करते हैं।

बैंक अधिकारियों की भूमिका भी रडार पर

पुलिस ने दोनों ही मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। पुलिस अब इन खातों के वास्तविक संचालकों और इस पूरे खेल में बैंक अधिकारियों की संभावित मिलीभगत की भी गहराई से जांच कर रही है।

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