सितारगंज/शक्तिफार्म (उधम सिंह नगर)। सितारगंज और शक्तिफार्म क्षेत्र के किसानों पर कुदरत की दोहरी मार पड़ी है। शनिवार को अचानक बदले मौसम के मिजाज, बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने क्षेत्र के हजारों एकड़ में खड़ी तैयार फसलों को भारी नुकसान पहुँचाया है। कटाई के मुहाने पर खड़ी गेहूं और सरसों की फसलें बर्बाद होने से अन्नदाता के चेहरे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं।
खेतों में बिछ गई ‘सोने’ जैसी फसल
सितारगंज और शक्तिफार्म के ग्रामीण इलाकों में बड़े पैमाने पर गेहूं और सरसों की बुवाई की गई थी। फसल पककर पूरी तरह तैयार थी, लेकिन शनिवार को आए पश्चिमी विक्षोभ के कारण चली तेज हवाओं ने खड़ी फसल को खेतों में ही बिछा दिया। कई निचले इलाकों में खेतों में पानी भर जाने से फसल के सड़ने का खतरा पैदा हो गया है, जिससे उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका है।
काली पड़ी सरसों, कटाई हुई मुश्किल
नुकसान केवल गेहूं तक सीमित नहीं है। कई किसानों ने सरसों की फसल काटकर सूखने के लिए खेतों में रखी थी, जो बारिश में भीगने के कारण काली पड़ गई है। किसानों का कहना है कि भीगी हुई सरसों की गुणवत्ता खराब हो जाएगी और उन्हें बाजार में उचित दाम नहीं मिल पाएगा। साथ ही, खेतों में गिरी हुई फसल की मशीन से कटाई करना भी अब नामुमकिन सा हो गया है।

प्रशासनिक सक्रियता और मुआवजे की मांग
मौसम विभाग की मानें तो आने वाले दिनों में भी हल्की बूंदाबांदी की संभावना है, जिससे किसानों की धड़कनें बढ़ गई हैं। इधर, शासन-प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए नुकसान के आकलन के निर्देश दिए हैं। कृषि विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर शासन को मुआवजे का प्रस्ताव भेजा जाएगा।
क्षेत्र के किसानों ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द विशेष भौतिक निरीक्षण कराकर उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि वे इस आर्थिक संकट से उबर सकें।
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