पीलीभीत। जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में कल देर शाम गांधी सभागार में जनपद स्तरीय गौशाला अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान जिले की सभी 66 गौशालाओं की विस्तृत समीक्षा की गई, जिनमें वर्तमान में 7619 गोवंश संरक्षित हैं। जिलाधिकारी ने सहभागिता योजना के तहत दिए गए 8816 गोवंशों के समय से सत्यापन न होने और भुगतान की मांग अपलोड करने में देरी पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित खंड विकास अधिकारियों (BDO) और पशु चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया कि सहभागिता के तहत दिए गए गोवंशों का सत्यापन कर 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से धनराशि की मांग हर महीने की 28 तारीख तक अनिवार्य रूप से जिला स्तर पर भेज दी जाए।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सभी गौशालाओं की वित्तीय मांग प्रत्येक माह की 25 तारीख तक जिला मुख्यालय पहुंच जानी चाहिए। उन्होंने खंड विकास अधिकारियों और पशु चिकित्सा अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर सहभागिता गोवंशों की सत्यापन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का अल्टीमेटम दिया है। वहीं, मुख्य विकास अधिकारी ने आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए पशुओं की सुरक्षा के विशेष इंतजाम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गौशाला में स्वच्छ पेयजल, हरे चारे की पर्याप्त उपलब्धता और पशुओं के लिए उचित छाया की व्यवस्था समय रहते सुनिश्चित कर ली जाए ताकि भीषण गर्मी में गोवंशों को कोई असुविधा न हो।
पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार त्यागी ने बताया कि जिले में कई ऐसी गौशालाएं हैं जहाँ पशुओं की संख्या 50 से कम है। इस पर संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने निर्देश दिए कि जिन गौशालाओं में क्षमता कम है, वहां अतिरिक्त शेड का निर्माण कराया जाए ताकि पशुओं की संख्या बढ़ाई जा सके और अधिक गोवंशों को संरक्षित किया जा सके। इस महत्वपूर्ण बैठक में जनपद के समस्त उप जिलाधिकारी, जिला विकास अधिकारी, डीएसपी यातायात, जिला पंचायतराज अधिकारी सहित सभी विकास खंडों के अधिकारी और नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।
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