रूद्रपुर। जिला मुख्यालय में शिक्षा से जुड़े एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम कीरतपुर में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी एनसीईआरटी किताबों के एक विशाल गोदाम का भंडाफोड़ किया है शनिवार देर रात हुई इस छापेमारी में शुरुआती अनुमान के अनुसार करीब 20 करोड़ रुपये मूल्य की फर्जी किताबें बरामद की गई हैं। प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से गोदाम को सील कर दिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस उपनिरीक्षक चन्दन सिंह बिष्ट के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा रात करीब एक बजे संदिग्ध परिस्थितियों में जा रहे एक ट्रक संख्या यूपी 37 बीटी 0562 को रोककर जांच की ट्रक खोलने पर उसमें बड़ी संख्या में किताबें भरी मिलीं। शुरुआत में इसे सामान्य शैक्षिक सामग्री का परिवहन समझा गया लेकिन शक होने पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया अधिकारियों ने जब किताबों की जांच की तो मामला नकली किताबों का प्रतीत हुआ। प्राथमिक जांच में सामने आया कि ट्रक में करीब ढाई लाख से अधिक किताबें भरी हुई थीं इन किताबों की बाजार कीमत लगभग छह से सात करोड़ रुपये आंकी जा रही है।श्री बिष्ट ने तत्काल कोतवाल मनोज रतूडी को फोनकर सूचना दी,जिन्होने तुरन्त जिला शिक्षा अधिकारी व तहसीलदार को बताया जिसके बाद आला अधिकारी मौके पर पहुंच

गये।पुलिस के अनुसार कीरतपुर स्थित एक गोदाम में बड़े पैमाने पर अवैध रूप से छपी एनसीईआरटी की किताबों का भण्डारण और परिवहन किया जा रहा है।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस, तहसील प्रशासन और शिक्षा विभाग की टीम ने शनिवार आधी रात ही गोदाम पर धावा बोल दिया। मौके का नजारा देख अधिकारियों के भी होश उड़ गए वहां चारों तरफ किताबों का अम्बार लगा हुआ था। पड़ताल में पता चला कि पकडे गये ट्रक के जरिए भारी मात्रा में फर्जी किताबें मेरठ भेजी जा रही थीं। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि इस सिंडिकेट के तार देश के कई हिस्सों से जुड़े हैं यहां से छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, और हैदराबाद समेत कई अन्य राज्यों में फर्जी किताबों की सप्लाई की जा रही थी।

कोतवाल मनोज रतूड़ी के अनुसार जांच में पता चला है कि यह गोदाम गल्ला मण्डी निवासी राजेश कुमार जैन का है उन्होंने इसे किराए पर दे रखा था। पुलिस ने गोदाम स्वामी को तत्काल मौके पर बुलाकर पूछताछ की है ताकि उन लोगों तक पहुंचा जा सके जो इस अवैध कारोबार के असली मास्टरमाइंड हैं। इस बड़ी कार्रवाई में तहसीलदार दिनेश कुटौला,कोतवाल मनोज रतूड़ी,मुख्य शिक्षा अधिकारी हरेन्द्र मिश्रा,खण्ड शिक्षा अधिकारी,एसएसआई अनिल जोशी,एसआई प्रियांशु जोशी,एसआई चन्दन बिष्ट,एसआई अमित कुमार समेत भारी पुलिस बल तैनात रहा। अधिकारियों का कहना है कि यह एक बड़ा नेटवर्क हो सकता है और जल्द ही इसमें शामिल अन्य चेहरों से नकाब हटाया जाएगा।

रुद्रपुर ‘बुक स्कैम’ में बड़ा खुलासा: आनंदम बैंक्वेट हॉल के पास मिलीं करोड़ों की संदिग्ध किताबें, CEO बोले- मामला बेहद गंभीर!

रुद्रपुर। पुलिस ने ग्राम कीरतपुर में आनन्दम बैंक्वेट हॉल के पास देर रात कार्रवाई करने के बाद रविवार प्रातः मौके पर पत्रकारों से बात करते हुये मुख्य शिक्षा अधिकारी हरेन्द्र मिश्रा ने बताया यह मामला अत्यन्त गम्भीर है, प्रारंभिक जांच में यह किताबें एनसीईआरटी पाठ्यक्रम से मिलती-जुलती बताई जा रही हैं लेकिन उनकी छपाई और गुणवत्ता संदिग्ध पाई गई है। मामले की गम्भीरता को देखते हुए पुलिस ने सम्बन्धित गोदाम को भी सीज कर दिया है हालांकि इस फर्जीवाड़े से जुड़े लोग मौके से फरार बताए जा रहे हैं जिनकी तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि किताबों के कवर, प्रिन्टिंग और अन्दर के कन्टेन्ट में कई तकनीकी गड़बड़ियां पाई गई हैं इससे इनके नकली होने की आशंका और मजबूत हो गई है विभाग ने पूरे मामले की जानकारी एनसीईआरटी को भी भेज दी है।डीईओ ने बताया कि एनसीईआरटी को इसकी जानकारी दे दी गयी है उनकी विशेषज्ञ टीम सोमवार को रुद्रपुर पहुंचेगी और बरामद किताबों की विस्तृत जांच करेगी।टीम यह तय करेगी कि किताबें पूरी तरह फर्जी हैं या किसी अवैध प्रिंटिंग के माध्यम से तैयार की गई हैं जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर सुरक्षित स्थान पर खड़ा करवा दिया है और चालक से पूछताछ की जा रही है।इस पूरे मामले को शिक्षा से जुड़े बड़े फर्जीवाड़े के रूप में देखा जा रहा है जिसकी जांच जारी है।

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