रामनगर (नैनीताल ): तराई पश्चिमी वन प्रभाग के काशीपुर और बाजपुर रेंज में ‘स्नेक कैचर’ तालिब हुसैन की मुस्तैदी से एक बड़ा खतरा टल गया। तालिब ने आबादी वाले इलाकों में घुस आए तीन भारी-भरकम अजगरों और एक जानलेवा कोबरा का सुरक्षित रेस्क्यू कर उन्हें वापस उनके प्राकृतिक आवास (जंगल) में छोड़ दिया।
55 किलो तक के विशाल अजगरों ने मचाई थी दहशत
रेस्क्यू का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा बाजपुर क्षेत्र में रहा, जहाँ दो विशाल अजगरों की मौजूदगी से ग्रामीणों में हड़कंप मचा था। मौके पर पहुँचे विशेषज्ञ तालिब हुसैन ने अपनी टीम के साथ मिलकर दोनों को सुरक्षित पकड़ा।

- पहला अजगर: वजन लगभग 50-55 किलोग्राम।
- दूसरा अजगर: वजन लगभग 40-45 किलोग्राम।
- इसके अलावा, तीसरा अजगर जस्सागाजा के ग्रामीण इलाके से रेस्क्यू किया गया।
टांडा के खेतों में मिला ‘किंग कोबरा’
अजगरों के साथ-साथ तालिब ने टांडा क्षेत्र के खेतों के पास से एक अत्यंत विषैले कोबरा सांप का भी रेस्क्यू किया। यह कोबरा आबादी के बेहद करीब पहुँच चुका था, जिससे किसी बड़ी अनहोनी का खतरा बना हुआ था। तालिब की कुशलता के चलते बिना किसी नुकसान के सांप को पकड़ लिया गया।
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वन्यजीव संरक्षण की मिसाल
रेस्क्यू किए गए सभी सांपों को वन विभाग की निगरानी में गहरे जंगलों में सुरक्षित छोड़ दिया गया है। तालिब हुसैन ने बताया कि ठंड के मौसम और शिकार की तलाश में अक्सर ये रेंगने वाले जीव आबादी की ओर रुख करते हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि सांप दिखने पर उसे मारें नहीं, बल्कि तुरंत वन विभाग को सूचित करें।
ग्रामीणों ने जताया आभार:
वन विभाग की इस त्वरित कार्रवाई और तालिब हुसैन के साहस की ग्रामीणों ने जमकर सराहना की है। इस सफल अभियान से न केवल लोगों का डर दूर हुआ, बल्कि दुर्लभ वन्यजीवों की जान भी बच सकी।