पीलीभीत। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित जिला स्तरीय समन्वय समिति की मासिक समीक्षा बैठक शुक्रवार को गांधी सभागार में जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ठोस रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिए कि समूहों द्वारा निर्मित तेल, मसाले, सब्जियाँ, झाड़ू और अन्य उत्पादों की आपूर्ति जिला जेल और आवासीय विद्यालयों में सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाएं। साथ ही, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के उद्देश्य से स्थानीय तालाबों का आवंटन भी समूहों को करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने उद्यान विभाग को निर्देशित किया कि वे समूहों को निःशुल्क बीज, फूलों की खेती के लिए अनुदान, वर्मी बेड और मधुमक्खी पालन जैसे लक्ष्यों में प्राथमिकता प्रदान करें। इस अवसर पर पशुपालन विभाग ने बैकयार्ड पोल्ट्री और बकरी पालन जैसी योजनाओं की जानकारी साझा की, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को ससमय लक्ष्य पूर्ति करने और भविष्य में उत्पादों के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु ‘सरस मेले’ के आयोजन की योजना बनाने पर जोर दिया।
समीक्षा बैठक में उपायुक्त स्वतः रोजगार, परियोजना निदेशक, उपायुक्त श्रम रोजगार, मुख्य पशुधन अधिकारी सहित उप निदेशक कृषि, डी.डी.एम. नाबार्ड, जिला पूर्ति अधिकारी और जिला उद्यान अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त बैठक में समस्त खंड विकास अधिकारी , जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला सेवायोजन अधिकारी और एनआरएलएम के स्टाफ ने भी प्रतिभाग किया।
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