पीलीभीत। स्थानीय उपाधि महाविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के तत्वावधान में ‘वर्तमान युग में युवाओं में अशांति’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आधुनिक समय में युवाओं के भीतर पनप रहे मानसिक द्वंद्व, सामाजिक दबाव और भविष्य की चुनौतियों पर गंभीर विमर्श कर उनके समाधान खोजना था।
कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर दुष्यंत कुमार द्वारा माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “आज के डिजिटल युग में जहाँ अवसर असीमित हैं, वहीं युवाओं के सामने मानसिक और सामाजिक चुनौतियाँ भी बढ़ी हैं। युवाओं को अपनी ऊर्जा को भटकने से बचाकर सकारात्मक दिशा और आत्मविकास में लगाना चाहिए।”
नीति आयोग, नई दिल्ली से ऑनलाइन जुड़े सुमित सक्सेना ने अपना वक्तव्य रखा। उन्होंने नीतिगत परिप्रेक्ष्य से युवाओं की समस्याओं को रेखांकित करते हुए कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी समय में कौशल विकास और मानसिक सुदृढ़ता ही सफलता की कुंजी है।
विशिष्ट वक्ता के रूप में राजकीय महाविद्यालय, रिछा (बहेड़ी) की डॉ. सोनम नारायण ने युवाओं के भावनात्मक स्वास्थ्य और सामाजिक अपेक्षाओं के बीच संतुलन बनाने पर जोर दिया। वहीं, अंग्रेजी विभाग की डॉ. शेफाली सक्सेना ने रेखांकित किया कि साहित्य और सकारात्मक संवाद के माध्यम से मानसिक अशांति को प्रभावी ढंग से कम किया जा सकता है।
कार्यक्रम का संचालन अंग्रेजी विभाग के प्रभारी डॉ. जितेंद्र नाथ मिश्रा ने किया। उन्होंने विषय की गंभीरता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि युवाओं में बढ़ती अशांति एक वैश्विक चिंता है, जिसका समाधान केवल सामूहिक प्रयासों और संवाद से ही संभव है। अंत में उन्होंने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर प्रोफेसर सत्येंद्र नारायण, डॉ. राखी मिश्रा, डॉ. दुर्गेश धर द्विवेदी, डॉ. कविता कनौजिया, डॉ. अमित सक्सेना, डॉ. गजेंद्र सिंह और ज्ञान शर्मा सहित समस्त शिक्षकगण, कर्मचारी एवं भारी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहै।
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