नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने साइबर अपराध के विरुद्ध एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक विशाल अंतरराष्ट्रीय धोखाधड़ी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। कंबोडियाई ऑपरेटरों के निर्देश पर चल रहे इस फर्जी ऑनलाइन कारोबार गिरोह ने देशभर के हजारों लोगों से 300 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की है। पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि इस मामले में कोलकाता और लखनऊ से गिरोह के चार मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है।
कैसे हुआ गिरोह का खुलासा?
दिल्ली पुलिस की स्पेशल साइबर यूनिट को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं, जिनमें ऑनलाइन ट्रेडिंग और निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये हड़पने की बात कही गई थी। तकनीकी जांच और बैंक खातों के विश्लेषण के बाद पुलिस को पता चला कि यह पैसा कंबोडिया से संचालित होने वाले एक संगठित सिंडिकेट तक जा रहा था।
कोलकाता और लखनऊ से गिरफ्तारियां
पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर चार जालसाजों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों का मुख्य काम भारत में ‘शेल कंपनियाँ’ बनाना और उन कंपनियों के बैंक खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम को विदेश भेजने के लिए करना था। ये आरोपी कोलकाता और लखनऊ से बैठकर इस नेटवर्क के वित्तीय लेन-देन को संभाल रहे थे।
300 करोड़ रुपये का काला कारोबार
जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने पीड़ितों को लुभाने के लिए फर्जी वेबसाइट और मोबाइल ऐप्स का इस्तेमाल किया। शुरुआती तौर पर छोटे निवेश पर अच्छा रिटर्न देकर विश्वास जीता जाता था, जिसके बाद बड़ी रकम निवेश कराते ही खाते को ब्लॉक कर दिया जाता था। अब तक की जांच के अनुसार, देशभर में इस धोखाधड़ी का आंकड़ा 300 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है।
सावधानी बरतने की अपील
दिल्ली पुलिस ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि वे सोशल मीडिया या मैसेजिंग ऐप्स पर मिलने वाले ‘हाई रिटर्न’ वाले निवेश के विज्ञापनों से सावधान रहें। किसी भी संदिग्ध लेनदेन की जानकारी तुरंत नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें या Cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट दर्ज करें।