पीलीभीत। क्षेत्र के अग्रणी उच्च शिक्षण संस्थान गन्ना कृषक स्नातकोत्तर महाविद्यालय पूरनपुर के खाते में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। महाविद्यालय को नए शैक्षिक सत्र से गृहविज्ञान (होम साइंस) एवं शिक्षाशास्त्र (एजुकेशन) विषयों में परास्नातक (एम.ए.) स्तर की मान्यता प्राप्त हो गई है। इस बड़ी सफलता से पूरनपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं, विशेषकर छात्राओं को अब उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज के शहरों में नहीं भटकना पड़ेगा और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही पोस्ट ग्रेजुएशन के बेहतर अवसर मिलेंगे।
महाविद्यालय की इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर खुशी जताते हुए संस्थान के प्रबंधक श्री नितिन दीक्षित ने कहा कि कॉलेज क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण और सुलभ उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भविष्य में यहां रोजगारपरक और कई अन्य नवीन पाठ्यक्रम भी शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने इस सफलता के लिए जनपद के शिक्षाप्रेमियों और जिला गन्ना अधिकारी व महाविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. खुशीराम भार्गव के विशेष सहयोग और मार्गदर्शन के प्रति आभार व्यक्त किया। वहीं, प्राचार्य डॉ. सुधीर कुमार शर्मा ने बताया कि यह मान्यता कॉलेज परिवार के अथक परिश्रम, समर्पण और सामूहिक प्रयासों का परिणाम है, जो क्षेत्र की शैक्षिक प्रगति को एक नई दिशा देगी।
गन्ना कृषक स्नातकोत्तर महाविद्यालय पिछले 10 वर्षों में नवाचार और विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर चुका है। वर्ष 2016 से पहले जहाँ कॉलेज में केवल 6 विषयों में बीए की कक्षाएं चलती थीं, वहीं वर्तमान में बीए के 9 विषयों के साथ-साथ बी.कॉम, बीएससी (कृषि) और अब 8 विषयों में एमए की कक्षाओं का सफल संचालन हो रहा है। इसके अलावा कॉलेज में बड़े स्तर पर कृषि मेलों और प्राकृतिक खेती पर राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठियों का आयोजन किया जाता रहा है। कॉलेज को केंद्र सरकार से ‘ग्रीन चैंपियन अवार्ड’ भी मिल चुका है और यहाँ के छात्र लगातार सेना, अग्निवीर व प्रशासनिक सेवाओं में चयनित होकर क्षेत्र का नाम रोशन कर रहे हैं।
आने वाले दिनों में संस्थान सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के क्षेत्र में भी बड़ा कदम उठाने जा रहा है। क्षेत्र के निर्धन और ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्रों को मुफ्त कंप्यूटर शिक्षा देने के लिए कॉलेज प्रशासन ने ‘नाइलिट’ के साथ एक एमओयू साइन किया है, जिसके तहत जल्द ही कॉलेज में 100 कंप्यूटरों की अत्याधुनिक लैब स्थापित की जाएगी। साथ ही कॉलेज का नया कृषि भवन भी निर्माणाधीन है, जिससे कृषि के छात्रों को और बेहतर प्रैक्टिकल माहौल मिल सकेगा।