मुंबई। भारतीय संगीत उद्योग को हाल ही में महान गायिका आशा भोसले के जाने के सदमे के बाद एक और अपूरणीय क्षति का सामना करना पड़ा है। अपनी जादुई और बेहद सुरीली आवाज से कई पीढ़ियों के दिलों पर राज करने वाली दिग्गज पार्श्व गायिका सुमन कल्याणपुर का रविवार, 31 मई को 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से पूरी फिल्म इंडस्ट्री और संगीत प्रेमियों में शोक की लहर दौड़ गई है।

‘मंगू’ फिल्म से शुरू हुआ था पांच दशकों का सफर
सुमन कल्याणपुर का फिल्मी सफर साल 1954 में आई मराठी फिल्म ‘शुक्रची चांदनी’ और हिंदी फिल्म ‘मंगू’ से शुरू हुआ था। उन्होंने भारतीय सिनेमा को ‘आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे’, ‘ना ना करते प्यार’, ‘शराबी शराबी ये सावन का मौसम’, ‘ना तुम हमें जानो’, ‘परबतों के पेड़ों पर’ और ‘निम्बोनीच्या झाड़ा मागे’ जैसे दर्जनों कालजयी और सदाबहार गीत दिए। विशेष रूप से महान गायक मोहम्मद रफी के साथ उनके गाए युगल गीतों (Duets) को दर्शकों ने हमेशा भरपूर प्यार दिया।

शरद पवार और गायिका फैयाज ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
कला के क्षेत्र में उनके बेमिसाल योगदान के लिए उन्हें देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान ‘पद्म भूषण’ से भी नवाजा जा चुका था। उनके निधन की खबर मिलते ही देशभर से श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लग गया। वरिष्ठ राकांपा (NCP) नेता शरद पवार और जानी-मानी गायिका फैयाज ने सबसे पहले गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे संगीत के एक स्वर्णिम युग का अंत बताया।


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