नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली के साकेत मेट्रो स्टेशन के पास घटित हुए एक भीषण हादसे में एक चार-मंजिला कमर्शियल इमारत भरभराकर ढह गई। इस दर्दनाक हादसे में मलबे में दबने के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए दिल्ली नगर निगम (MCD) ने कड़ा प्रशासनिक रुख अपनाते हुए दो जिम्मेदार इंजीनियरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया है।

निरीक्षण में चूक पर गिली गाज, 2 इंजीनियर सस्पेंड
दिल्ली नगर निगम दक्षिणी जोन के उपायुक्त की ओर से जारी एक आधिकारिक आदेश के मुताबिक, इमारत के समय पर और उचित निरीक्षण में हुई गंभीर चूक के लिए एक सहायक इंजीनियर (Assistant Engineer) और एक जूनियर इंजीनियर (Junior Engineer) को सस्पेंड कर दिया गया है। उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के मामले में कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

एम्स ट्रॉमा सेंटर में 5 मृत घोषित, 5 की हालत गंभीर
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) प्रबंधन के अनुसार, मलबे से रेस्क्यू किए गए कुल 13 पीड़ितों को तत्काल इलाज के लिए जय प्रकाश नारायण एपेक्स ट्रॉमा सेंटर लाया गया था। इनमें से पांच पीड़ितों को अस्पताल पहुंचने पर ही डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं, हादसे में घायल पांच अन्य मरीजों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है, जिनका सघन उपचार (ICU) चल रहा है। बाकी तीन मामूली रूप से घायल मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है।

घटनास्थल पर पहुंचीं सीएम रेखा गुप्ता, दिए सख्त निर्देश
हादसे की सूचना मिलते ही दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं और राहत व बचाव कार्यों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने एम्स पहुंचकर घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और प्रशासन को सभी घायलों का निशुल्क और सर्वोत्तम इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कड़ा संदेश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “कोई भी बिल्डर, अधिकारी या प्राधिकरण कानून से ऊपर नहीं है। नियमों का उल्लंघन और लोक सुरक्षा से खिलवाड़ बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हर स्तर पर लापरवाही के लिए जवाबदेही तय की जाएगी।”

महरौली थाने में एफआईआर दर्ज, जर्जर भवनों के सर्वे का आदेश
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश के बाद स्थानीय महरौली पुलिस थाने में आरोपियों के खिलाफ एक आपराधिक मामला (FIR) दर्ज कर लिया गया है। इसके साथ ही, दक्षिण जिले के जिला मजिस्ट्रेट (DM) के नेतृत्व में इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए मुख्यमंत्री ने सैदुल्लाजाब और उसके आसपास के सभी इलाकों में जर्जर, खतरनाक और अवैध रूप से बनी व्यावसायिक व रिहायशी इमारतों का तत्काल सर्वे और सघन निरीक्षण करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।


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