सितारगंज (उधम सिंह नगर)। आगामी ईद-उल-अजहा (बकरीद) के पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए मंगलवार को कोतवाली परिसर में अमन-चैन कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में साफ किया है कि पर्व के दौरान खुले स्थानों पर कुर्बानी की अनुमति बिल्कुल नहीं होगी और न ही सड़कों पर नमाज अदा की जाएगी। सरकारी आदेशों और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पुलिस बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी [3, 4]।
📋 तय स्थानों पर ही होगी कुर्बानी और नमाज
सीओ बीएस धौनी और कोतवाल सुंदरम शर्मा की मौजूदगी में हुई इस बैठक में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी नए स्थान पर कुर्बानी देने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। केवल पुरानी और निर्धारित जगहों पर ही प्रशासन की पूर्व अनुमति के बाद कुर्बानी दी जा सकेगी। इसके साथ ही, मस्जिदों के अलावा सिर्फ ईदगाह की भूमि पर ही नमाज अदा की जाएगी, सड़कों पर जाम लगाने या नमाज पढ़ने की इजाजत नहीं होगी।
📱 सोशल मीडिया पर पुलिस की पैनी नजर
त्योहार के मद्देनजर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने या भड़काऊ पोस्ट डालने वालों के खिलाफ पुलिस की विशेष टीम (साइबर सेल) चौबीसों घंटे पैनी नजर रख रही है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले हुड़दंगियों को चिह्नित कर सीधे जेल भेजा जाएगा।
🧹 साफ-सफाई को लेकर कड़े निर्देश
बैठक में मौजूद नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी (ईओ) प्रतिभा कोहली ने आश्वस्त किया कि पालिका प्रशासन नमाज और कुर्बानी स्थलों के आसपास चूना छिड़काव और साफ-सफाई की पूरी व्यवस्था करेगा। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कुर्बानी के बाद निकलने वाले अवशेषों और कचरे के त्वरित निस्तारण की मुख्य जिम्मेदारी संबंधित आयोजन कमेटी की खुद की होगी।
बैठक में यह रहे मौजूद:
इस शांति समिति की बैठक में एसआई जावेद मलिक, एलआईयू इंचार्ज भास्कर बडोला, शमशुलहक मलिक, लक्खा सिंह, जिलानी अंसारी, रोशन लाल अग्रवाल, विजय सलूजा, सैय्यद मुन्ने मियां, शाकिर अली, सलीम रिज़वी, ताहिर मलिक, फरहान मलिक, सरदार हसन और जामा मस्जिद के इमाम मुफ्ती मुकीम रजा सहित क्षेत्र के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।