सहारनपुर। उत्तर प्रदेश की सहारनपुर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने ऑनलाइन जालसाजी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। डिजिटल ठगों के नेटवर्क पर कड़ा प्रहार करते हुए पुलिस टीम ने एक पीड़ित के बैंक खाते से उड़ाए गए 1.88 लाख रुपये पूरी तरह सुरक्षित वापस (रिफंड) करा दिए हैं। पुलिस की इस त्वरित और तकनीकी रूप से मजबूत कार्रवाई के कारण एक गरीब की मेहनत की गाढ़ी कमाई डूबने से बच गई। अपनी डूबी रकम वापस पाकर पीड़ित ने सहारनपुर पुलिस और साइबर सेल की मुस्तैदी की जमकर सराहना की है।

🔴 तेजपाल को जालसाजों ने बनाया था शिकार, पुलिस ने ऐसे फेरा पानी

यह पूरा मामला तेजपाल नामक व्यक्ति से जुड़ा है, जो पिछले दिनों शातिर साइबर अपराधियों के झांसे में आ गए थे। ठगों ने बेहद चालाकी से उनके बैंक खाते में सेंध लगाकर 1 लाख 88 हजार रुपये की बड़ी रकम ट्रांसफर कर ली थी। खाते से पैसे कटने का मैसेज देखते ही पीड़ित के होश उड़ गए। तेजपाल ने तुरंत समझदारी दिखाई और मामले की शिकायत सीधे साइबर थाने में दर्ज कराई। पुलिस की तकनीकी विंग ने बिना एक मिनट गंवाए उस पेमेंट गेटवे और संबंधित बैंकों को अलर्ट भेजा जिसके जरिए पैसे ट्रांसफर हुए थे। नतीजा यह रहा कि ठगों के खाते ब्लॉक हो गए और पूरी रकम वापस तेजपाल के खाते में क्रेडिट करा दी गई।

🔴 पुलिस की कड़क नसीहत: भूलकर भी न करें ये गलती

इस सफलता के बाद सहारनपुर पुलिस ने आम नागरिकों को जागरूक करने के लिए एक महत्वपूर्ण एडवायजरी जारी की है:

  • OTP साझा करना यानी खुद को ठगाना: पुलिस ने सख्त हिदायत दी है कि बैंक अधिकारी या कोई भी अनजान व्यक्ति बनकर कॉल करने वाले को अपना ओटीपी (OTP), सीवीवी (CVV) नंबर या नेट बैंकिंग का पासवर्ड कतई न बताएं।
  • समय पर शिकायत है सबसे बड़ा हथियार: डिजिटल फ्रॉड या ऑनलाइन पैसे कटने की स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। घटना के तुरंत बाद शिकायत करने से पैसे होल्ड होने और वापस मिलने की उम्मीद 90% तक बढ़ जाती है।

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