​-दीवार के सहारे एप्रन बनाने, वेंटिलेशन होल बंद करने और सक्शन पंप लगाने का सुझाव, कमेटी की रिपोर्ट पर जिलाधिकारी लेंगे अंतिम निर्णय-
​पीलीभीत। शहर के ऐतिहासिक गांधी स्टेडियम के खेल मैदान को हर साल मानसून के दौरान होने वाले भारी जलभराव की समस्या से स्थाई निजात दिलाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कवायद तेज हो गई है। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह के निर्देश पर गठित पांच सदस्यीय विशेष जांच समिति ने बुधवार को गांधी स्टेडियम का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया। गौरतलब है कि प्रतिवर्ष बरसात के महीनों में मैदान में अत्यधिक पानी भर जाने के कारण खिलाड़ियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता था और महीनों तक तमाम खेल गतिविधियां पूरी तरह ठप हो जाती थीं। इस गंभीर समस्या के स्थाई समाधान के लिए जिलाधिकारी ने बीते 13 मई को नगर मजिस्ट्रेट विजयवर्धन तोमर की अगुवाई में पीडब्ल्यूडी, जल निगम (शहरी), ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंताओं और उप क्रीड़ा अधिकारी को शामिल कर एक पांच सदस्यीय टीम का गठन किया था।
​बुधवार को इसी उच्चस्तरीय टीम ने गांधी स्टेडियम पहुंचकर जलभराव के मुख्य कारणों की जमीनी पड़ताल की। जिला क्रीड़ा अधिकारी जयवीर सिंह ने निरीक्षण के नतीजों की जानकारी देते हुए बताया कि टीम की जांच में यह मुख्य तथ्य सामने आया है कि स्टेडियम की बाउंड्री वॉल से बिल्कुल सटकर एक बड़ा तालाब स्थित है। बरसात के मौसम में जब यह तालाब ओवरफ्लो (अत्यधिक भर) हो जाता है, तब इसका पानी स्टेडियम की बाउंड्री के सहारे रिसते हुए और दीवार में बने छेदों के रास्ते सीधे खेल के मैदान में प्रवेश कर जाता है।
​जलभराव के इस तकनीकी कारण को पकड़ने के बाद समिति ने इसके निवारण के लिए कई महत्वपूर्ण तकनीकी सुझाव दिए हैं। समिति के सदस्यों ने स्टेडियम की सुरक्षा दीवार के किनारे एक मजबूत ‘एप्रन’ (कंक्रीट का सुरक्षा घेरा) बनाए जाने की आवश्यकता जताई है, ताकि बाहर के पानी के रिसाव को रोका जा सके। इसके साथ ही, स्टेडियम की दीवार में बने सभी वेंटिलेशन होल्स (छेदों) को पूरी तरह बंद करने और दीवार के किनारे समुचित लेबलिंग (समतलीकरण) कराकर एक प्रभावी ‘सक्शन पंप’ स्थापित करने की बात कही गई है, जिससे यदि पानी आए भी तो उसे तुरंत बाहर खींचा जा सके। जिला क्रीड़ा अधिकारी ने बताया कि समिति अपनी विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट जल्द ही जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी द्वारा जो भी अंतिम निर्णय लिया जाएगा, उसी के अनुरूप मैदान को जलभराव मुक्त बनाने के लिए आगे की निर्माण कार्ययोजना शुरू की जाएगी।

(आधुनिक दुनिया को सभी स्थानों पर संवाददाताओं की आवश्यकता है। इच्छुक संपर्क करें- 8923815100 व्हाट्अप पर अपना नाम, स्थान, यदि कोई अनुभव है तो उसकी जानकारी और कहां से संवाददाता बनना चाहते हैं उस स्थान का नाम लिखें संपर्क करें। यदि आप पत्रकारिता सीखने के इच्छुक हैं, तो भी संपर्क कर सकते हैं।)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *