किच्छा। शहर के बीचों-बीच जिला पंचायत की बेशकीमती भूमि पर लंबे समय से संचालित हो रहे नशेड़ियों के अड्डों और जर्जर भवनों को आज प्रशासन ने भारी विरोध के बीच ध्वस्त कर दिया जिला पंचायत प्रशासन की इस बड़ी कार्रवाई से अवैध कब्जा धारकों में हड़कंप मच गया।

पिछले लम्बे समय से ये जर्जर भवन अपराधियों और नशेड़ियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह बन चुके थे जिससे स्थानीय जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था, विगत दिनों इसी परिसर के पास स्थित फास्ट फूड मार्केट में एक नशेड़ी द्वारा एक युवक पर जानलेवा हमला किया गया था। इस घटना के बाद स्थानीय जनता और व्यापारियों ने प्रशासन पर इन जर्जर इमारतों को गिराने का भारी दबाव बनाया था।अपर मुख्य अधिकारी गणेश कुमार भट्ट के नेतृत्व में आज प्रातः जिला पंचायत परिषद की टीम बुलडोजरों,जेसीबी और भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की इस दौरान नगर पालिका और तहसील प्रशासन ने भी कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग दिया। जैसे ही बुलडोजर ने जर्जर ढांचों को गिराना शुरू किया वहां रह रहे आधा दर्जन से अधिक परिवारों ने हंगामा खड़ा कर दिया। कुछ महिलाओं ने आरोप लगाया कि उन्हें पूर्व में कोई नोटिस नहीं दिया गया प्रदर्शनकारियों ने यह भी दावा किया कि प्रकरण माननीय उच्च न्यायालय में विचाराधीन है इसलिए यह कार्रवाई गैर-कानूनी है। हालांकि जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी गणेश कुमार भट्ट ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि मामला न्यायालय में जरूर है लेकिन माननीय कोर्ट द्वारा कोई स्टे (स्थगन आदेश) निर्गत नहीं किया गया है। हंगामे को देखते हुए जिला पंचायत अधिकारियों ने मानवीय आधार पर शेष बचे भवनों में रह रहे लोगों को एक सप्ताह का समय देते हुए परिसर खाली करने के आदेश दिए हैं।एएमए ने दोटूक कहा कि यदि निर्धारित समय में भूमि खाली नहीं की गई तो दोबारा पुलिस बल के साथ अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा।जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी गणेश कुमार भट्ट ने बताया इस भूमि पर जिला पंचायत परिषद द्वारा आधुनिक पार्किंग,व्यावसायिक भूखंड,व्यावसायिक प्रतिष्ठान और एक विशाल हॉल बनाने का प्रस्ताव पहले ही पारित किया जा चुका है यह परियोजना आम जनता की सुविधा के लिए बनाई जा रही है।इधर जिला प्रशासन ने भी स्पष्ट किया कि जर्जर भवनों में बढ़ रही आपराधिक घटनाओं को देखते हुए इन ढांचों का हटाया जाना जनहित में अनिवार्य था। ध्वस्तीकरण की इस बड़ी कार्रवाई के दौरान तहसीलदार गिरीश चन्द्र त्रिपाठी ने मौके पर मोर्चा संभाले रखा उनके साथ जिला पंचायत के कार्य अधिकारी हरिमोहन,प्रभारी जिला अभियन्ता मोहन सिंह बिष्ट,अभियन्ता मौ0जफर अंसारी,अवर अभियन्ता रोहित भट्ट,बडे बाबू कमल कुमार,लाल सिंह,कर अधिकारी राहुल जोशी, वीरेन्द्र,किच्छा पटवारी चन्द्रशेखर आर्य,एसआई मनोज कुमार सिंह,देवराज सिंह, नगर पालिका अधिशासी अधिकारी दीपक शुक्ला और चकबंदी कानूनगो अनिल कुमार सिंह सहित अनेक कर्मचारी व पुलिसकर्मी तैनात रहे।

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