विधि संवाददाता ​पीलीभीत। जनपद की एक अदालत ने पंद्रह वर्ष पूर्व न्यूरिया थाना क्षेत्र के मझोला बाजार में हुई सनसनीखेज डकैती और चौकीदार के अपहरण के मामले में अपना फैसला सुना दिया है। अपर सत्र न्यायाधीश महेशानंद झा ने माल बरामदगी के आधार पर तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को दो-दो वर्ष के कारावास और 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। इस मामले में सुनवाई के दौरान एक आरोपी की मृत्यु हो चुकी है, जबकि चार अन्य आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया।
​अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना 23 नवंबर 2011 की है। मझोला निवासी खुर्शीद अख्तर की बाजार में कपड़े और ज्वेलरी की दुकान थी। रात करीब साढ़े तीन बजे पुलिस चौकी से सूचना मिली कि उनकी दुकान का शटर और चैनल टूटा हुआ है। पीड़ित जब मौके पर पहुँचा, तो पता चला कि डकैतों ने दीवार में लगी करीब तीन कुंतल वजनी अलमारी और एक तिजोरी पार कर दी थी। इसमें 600 ग्राम सोना, 12 किलो चांदी और 45 हजार रुपये की नकदी सहित कुल 25 लाख रुपये का माल लूटा गया था। इतना ही नहीं, डकैत दुकान के चौकीदार को भी अगवा कर ले गए थे, जिसे बाद में सत्रह मील पुलिस चौकी के पास छोड़ दिया गया था।
​पुलिस ने विवेचना के बाद जगतार सिंह, पाला उर्फ कृपाल सिंह, लखविंदर सिंह, भगत सिंह, जर्मल सिंह, कुलवंत सिंह, जितेंद्र और जसपाल के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया था। मुकदमे की पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता (ADGC) रवि गंगवार ने की। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावली का बारीकी से अवलोकन करने के बाद लखविंदर सिंह, जर्मल सिंह और कुलवंत सिंह उर्फ काली को दोषी पाया। वहीं पाला, भगत सिंह, जितेंद्र और जसपाल के विरुद्ध आरोप सिद्ध न होने पर उन्हें बरी कर दिया गया। जगतार सिंह की मृत्यु होने के कारण उसके विरुद्ध कार्रवाई पहले ही समाप्त हो चुकी थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *