नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक समावेशी बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक प्रस्ताव रखा है। आगामी परिसीमन (Delimitation) प्रक्रिया के तहत लोकसभा सीटों की कुल संख्या को बढ़ाकर 850 करने की योजना प्रस्तावित की गई है। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य बढ़ती जनसंख्या के अनुपात में जनता के प्रतिनिधित्व को सुदृढ़ करना है। 

सीटों का नया गणित:
प्रस्तावित योजना के अनुसार, नई संरचना में सीटों का वितरण कुछ इस प्रकार हो सकता है:

  • राज्यों के लिए: कुल 815 सीटें।
  • केंद्र शासित प्रदेशों के लिए: कुल 35 सीटें।
    वर्तमान में लोकसभा में 543 निर्वाचित सीटें हैं, जिन्हें बढ़ाकर 850 करने से हर सांसद के निर्वाचन क्षेत्र का दायरा जनसंख्या के आधार पर अधिक संतुलित हो सकेगा।

परिसीमन का आधार:
यह प्रस्ताव आगामी जनगणना और उसके बाद होने वाली परिसीमन प्रक्रिया से जुड़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि नई संसद भवन की क्षमता को भी इसी भविष्यगामी विस्तार को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यदि यह प्रस्ताव स्वीकृत होता है, तो भविष्य के आम चुनाव नई सीटों के आधार पर कराए जा सकते हैं।


हमसे जुड़ें:
देश की राजनीति और लोकतंत्र से जुड़ी ऐसी ही बड़ी खबरों और विश्लेषण के लिए ‘आधुनिक दुनिया’ के साथ बने रहें। ताज़ा अपडेट्स के लिए हमारे न्यूज़ पोर्टल को विजिट करें व पेज को फॉलो करें।

👉 आपकी राय हमारे लिए कीमती है:
क्या आपको लगता है कि सीटों की संख्या बढ़ाना बेहतर शासन के लिए जरूरी है? क्या इससे आम आदमी की आवाज़ संसद में और मजबूती से गूंजेगी? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर साझा करें।

आधुनिक दुनिया: सच के साथ, प्रगति की ओर।

(आधुनिक दुनिया को सभी स्थानों पर संवाददाताओं की आवश्यकता है। इच्छुक संपर्क करें- 8923815100 व्हाट्अप पर अपना नाम, स्थान, यदि कोई अनुभव है तो उसकी जानकारी और कहां से संवाददाता बनना चाहते हैं उस स्थान का नाम लिखें संपर्क करें। यदि आप पत्रकारिता सीखने के इच्छुक हैं, तो भी संपर्क कर सकते हैं।)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *