पीलीभीत। वन मंत्री ने पीलीभीत रेंज के अंतर्गत संचालित वानिकी कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने पीलीभीत नए बाईपास पर वर्ष 2023-24 में आरसीसी गार्ड के भीतर किए गए वृक्षारोपण का अवलोकन किया। यहाँ पाकड़ के 200 और पीपल के 160 सहित कुल 360 ‘हरीशंकरी’ पौधों के रोपण की स्थिति देखी गई। वन मंत्री ने पर्यावरण संतुलन की दृष्टि से फाइकस प्रजाति के वृक्षों के चयन की सराहना की और अधिकारियों को इन पौधों की निरंतर देखभाल, निराई और गुड़ाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इसके पश्चात वन मंत्री ने मोमिनगंज द्वितीय पौधशाला का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नर्सरी में चल रहे सिंचाई और निराई-गुड़ाई के कार्यों को देखा। उन्होंने विशेष रूप से महिला श्रमिकों द्वारा किए जा रहे पौध अनुरक्षण कार्य और उनके लिए की गई व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। पौधशाला में पौधों को उगाने के लिए तैयार की गई जैविक खाद, वर्मी कंपोस्ट, जीवामृत और वर्मीवॉश के प्रयोग पर उन्होंने प्रसन्नता जताई। साथ ही, उन्होंने सभी पौधशालाओं में फलदार पौधों की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत से अधिक रखने तथा ग्राफ्टेड व हाइब्रिड पौधों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए ताकि पौधों की गुणवत्ता और ऊँचाई बेहतर हो सके।

निरीक्षण के समय पीलीभीत टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर पी.पी. सिंह, उप निदेशक मनीष सिंह और प्रभागीय निदेशक वन एवं वन्यजीव प्रभाग भरत कुमार डी.के. सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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