पीलीभीत। विदेश में सुनहरे भविष्य और अच्छी नौकरी का सपना दिखाकर युवाओं को मौत के मुँह में धकेलने वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। पीलीभीत के पुलिस अधीक्षक सुकृति माधव मिश्र के कड़े निर्देश पर बरखेड़ा पुलिस ने रूस भेजने के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले चार आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इस गंभीर प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए मामले की कमान पुलिस क्षेत्राधिकारी बीसलपुर प्रगति चौहान को सौंपी गई है।
ठगी का यह पूरा मामला उस समय प्रकाश में आया जब बरखेड़ा क्षेत्र के छह युवाओं ने दिल्ली की एक ट्रेवल एजेंसी और उसके एजेंटों के चंगुल में फंसकर अपनी जान जोखिम में डाल दी। पीड़ितों के अनुसार, अनन्या ट्रेवल्स (भरतनगर, नई दिल्ली) के एजेंट हरनारायन (निवासी चन्दुआपुर, थाना बंडा, शाहजहांपुर) ने उन्हें झांसा दिया था कि ढाई-ढाई लाख रुपये के बदले उन्हें तीन साल का ‘वर्क वीजा’ दिलाकर रूस में अच्छी नौकरी दिलाई जाएगी। लेकिन पैसे ऐंठने के बाद जालसाजों ने उन्हें वर्क वीजा के बजाय ‘टूरिस्ट वीजा’ पर रूस भेज दिया, जहाँ उनका मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न शुरू हो गया।
रूस में फंसे इन युवाओं ने जब सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर अपनी जान बचाने की गुहार लगाई, तब जाकर परिजनों की नींद उड़ी। परिजनों ने किसान नेता देवस्वरूप पटेल के माध्यम से तत्कालीन केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद से संपर्क साधा। मंत्री जितिन प्रसाद ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल विदेश मंत्रालय से संपर्क किया, जिसके परिणामस्वरूप कड़ी मशक्कत के बाद सभी छह युवाओं की सकुशल वतन वापसी संभव हो सकी। स्वदेश लौटने के बाद पीड़ितों ने न्याय के लिए दोबारा किसान नेता के साथ पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की, जिसके बाद पुलिस ने एजेंट हरनारायन सहित दिल्ली निवासी आकाश, नागेंद्र और प्रशांत के विरुद्ध कानूनी शिकंजा कसा है।