सितारगंज। रूस में नौकरी दिलाने और वर्क वीजा बनवाने के नाम पर 3.15 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सितारगंज निवासी अशरफ अली ने आरोप लगाया कि अक्टूबर 2024 में उसकी मुलाकात पीलीभीत के अमरिया क्षेत्र स्थित गांव उडरा निवासी विक्रम सिंह, उसकी मां पलविंदर कौर तथा सितारगंज के वार्ड नंबर-11 निवासी गौरव चौहान से हुई। तीनों ने अपनी कंपनी जेबी ड्रीम्स कंसलटेंसी के माध्यम से रूस में नौकरी और वर्क वीजा दिलाने का भरोसा दिया।
पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने आधार कार्ड, पैन कार्ड, शैक्षिक प्रमाणपत्र समेत अन्य दस्तावेज लेकर वीजा प्रक्रिया शुरू करने की बात कही और अलग-अलग किस्तों में कुल 3.15 लाख रुपये वसूल लिए। इसमें 1.50 लाख रुपये ऑनलाइन, 1.50 लाख रुपये नकद तथा 15 हजार रुपये वीजा रजिस्ट्रेशन के नाम पर लिए गए।
अशरफ अली ने बताया कि 10 अक्टूबर 2024 को रूस पहुंचने पर मॉस्को एयरपोर्ट पर पता चला कि उसके पास वर्क वीजा के बजाय टूरिस्ट वीजा है। इसके चलते एयरपोर्ट अधिकारियों ने पूछताछ के बाद उसे वापस भारत भेज दिया।
भारत लौटने पर जब उसने आरोपियों से अपने रुपये वापस मांगे तो उन्होंने कथित तौर पर गाली-गलौज की, रकम लौटाने से इनकार कर दिया और जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित का कहना है कि पुलिस से कई बार शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद उसने न्यायालय की शरण ली।
मामले को गंभीर मानते हुए न्यायालय ने पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है।