रुद्रपुर। उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के चर्चित नमाजी और रोजेदार से मारपीट मामले में जेल में बंद मुख्य आरोपी अरविंद शर्मा को अदालत से कोई राहत नहीं मिली है। प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश आशुतोष कुमार मिश्रा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है।
क्या था पूरा विवाद?
यह मामला उस समय सुर्खियों में आया था जब अटरिया मंदिर के पास नमाज अदा कर रहे एक व्यक्ति के साथ मंदिर प्रबंधक अरविंद शर्मा द्वारा कथित तौर पर लात-घूसों से मारपीट की गई थी। इस घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह था कि मारपीट का वीडियो स्वयं अरविंद शर्मा ने बनवाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था। इस वीडियो के सामने आने के बाद क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव का माहौल बन गया था और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया था।
फरारी के बाद किया था आत्मसमर्पण
वारदात के बाद पुलिस लगातार अरविंद शर्मा की तलाश में दबिश दे रही थी, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ा। कुछ दिनों तक फरार रहने के बाद, बढ़ते दबाव के चलते उसने स्वयं पंतनगर थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया था, जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
अदालत में अभियोजन की दलील
इससे पहले मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) कोर्ट ने भी अरविंद की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी, जिसके बाद मामला जिला एवं सत्र न्यायालय पहुंचा। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कड़ा विरोध जताते हुए दलील दी कि इस कृत्य से न केवल एक व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची, बल्कि इससे कानून-व्यवस्था और क्षेत्र की शांति को भी बड़ा खतरा पैदा हुआ था।
न्यायालय का फैसला
प्रभारी जिला जज आशुतोष कुमार मिश्रा ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए आरोपी को जमानत देने से इनकार कर दिया। इस फैसले के बाद क्षेत्र में एक बार फिर इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पुलिस प्रशासन अब मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही और चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में जुटा है।
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