नई दिल्ली | भारत आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस पूरे हर्षोल्लास और गर्व के साथ मना रहा है। राष्ट्रीय राजधानी के ऐतिहासिक कर्तव्य पथ पर आयोजित मुख्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया। ध्वजारोहण के साथ ही राष्ट्रगान की गूँज उठी और 21 तोपों की सलामी के साथ देश की संप्रभुता को नमन किया गया।
गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति
इस ऐतिहासिक पल के साक्षी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, रक्षा मंत्री और सरकार के अन्य वरिष्ठ मंत्रियों सहित विदेशी गणमान्य अतिथि बने। तिरंगा फहराने के बाद राष्ट्रपति और वहां मौजूद सभी अतिथियों ने राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी।
परेड में दिखा सैन्य पराक्रम और सांस्कृतिक वैभव
ध्वजारोहण के साथ ही कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस की भव्य परेड शुरू हुई। इस वर्ष की परेड में निम्नलिखित मुख्य आकर्षण रहे:
सैन्य शक्ति का प्रदर्शन: भारतीय सेना के आधुनिक हथियारों, मिसाइल प्रणालियों और जांबाज दस्तों ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया।
विविधता में एकता: विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियों के माध्यम से भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्रगति की झलक पेश की गई।
नारी शक्ति: परेड में महिला अधिकारियों और सैनिकों के नेतृत्व वाली टुकड़ियों ने ‘नारी शक्ति’ के बढ़ते कदम को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया।
विकसित भारत का संकल्प
2026 की यह गणतंत्र दिवस परेड ‘विकसित भारत’ के संकल्प और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम का प्रतीक रही। राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में देश की एकता, अखंडता और प्रगति को बनाए रखने की अपील की।
पूरा देश आज देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आ रहा है और विभिन्न राज्यों की राजधानियों में भी इसी प्रकार के भव्य आयोजन किए जा रहे हैं।