बदायूं जिले के बिसौली कोतवाली क्षेत्र के तारापुर गांव में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक मकान की छत पर बंदरों के बीच एक नवजात शिशु पड़ा हुआ मिला। यह घटना किसी चमत्कार से कम नहीं मानी जा रही है क्योंकि खूंखार बंदरों के बीच होने के बावजूद बच्चे को कोई खरोंच तक नहीं आई।
कैसे हुआ खुलासा?
घटना की शुरुआत तब हुई जब मकान मालिक ने अपनी छत पर बंदरों का असामान्य शोर सुना। जब वह ऊपर पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गए। बंदरों के एक झुंड के बीच एक छोटा सा बच्चा पड़ा हुआ था। मकान मालिक ने तुरंत इसकी जानकारी स्थानीय पुलिस को दी।
पुलिस की कार्रवाई:
सूचना मिलते ही बिसौली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने बड़ी सावधानी से बंदरों को हटाकर नवजात को अपने संरक्षण में लिया। पुलिस द्वारा बच्चे को तत्काल पास के अस्पताल भिजवाया गया।
ताजा स्थिति:
अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, नवजात की हालत फिलहाल स्थिर है और उसका उपचार किया जा रहा है। पुलिस अब गांव और आसपास के इलाकों में यह जांच कर रही है कि आखिर इस मासूम को इस तरह लावारिस हालत में छोड़ने वाले निर्दयी माता-पिता कौन हैं।