सीतापुर। उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में शिक्षा विभाग ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने फर्जी टीईटी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी कर रहे 13 शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है। विभाग ने न केवल उनकी सेवा समाप्त की है, बल्कि उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कर अब तक दिए गए वेतन की रिकवरी के भी आदेश दिए हैं।
मुख्य विवरणः
जांच में हुआ खुलासाः दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान इन शिक्षकों के टीईटी प्रपत्र (ज्म्ज् ब्मतजपपिबंजमे) फर्जी पाए गए। रौल नंबर और अंकों का मिलान बोर्ड के रिकॉर्ड से नहीं हुआ।
2024 बैच के शिक्षकः ये सभी शिक्षक उन 1100 शिक्षकों के समूह का हिस्सा थे, जिनकी तैनाती वर्ष 2024 में जिले में हुई थी।
प्रभावित ब्लॉकः बर्खास्त किए गए शिक्षक जिले के सकरन, पिसावां, मिश्रिख, हरगांव और बिसवां ब्लॉकों के विद्यालयों में कार्यरत थे।
कानूनी कार्रवाईः BSA ने संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इन शिक्षकों के खिलाफ संबंधित थानों में थ्प्त् दर्ज कराई जाए और अब तक सरकारी खजाने से लिए गए वेतन की पाई-पाई वसूली की जाए।
विभाग का रुखः
इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और अन्य संदिग्ध दस्तावेजों की भी गहनता से जांच जारी है।
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