विधि संवाददाता, पीलीभीत। पीलीभीत के सिविल जज (अवर खंड) त्वरित न्यायालय/न्यायिक मजिस्ट्रेट उत्कर्ष सिंह की अदालत ने चेक बाउंस के एक महत्वपूर्ण मामले में आरोपी अब्दुल रफीक उर्फ गुड्डू को दोषी ठहराते हुए एक साल के कारावास और 18 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। मामला जमीन के सौदे से जुड़ा है, जिसमें पीड़ित महमूद मियां ने आरोपी को 20 लाख रुपये का नकद भुगतान किया था। जमीन का सौदा पूरा न होने पर जब रकम वापस मांगी गई, तो आरोपी ने 9.60 लाख रुपये का एक ऐसा चेक थमा दिया जो पूर्व में बंद हो चुके खाते का था।
बैंक से चेक अनादरित होने के बाद पीड़ित ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से विधिक नोटिस भेजा, लेकिन बकाया रकम का भुगतान न होने पर न्यायालय में परिवाद दाखिल किया गया। अदालती सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों, पत्रावली के अवलोकन और दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी अब्दुल रफीक को पराक्रम्य लिखित अधिनियम के तहत दोषी माना। अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी को कारावास के साथ-साथ भारी अर्थदंड की सजा सुनाकर न्याय की दिशा में स्पष्ट संदेश दिया है।