–डॉ.अमिताभअग्निहोत्री–
पीलीभीत। आगामी विधानसभा चुनावों से पूर्व कांग्रेस संगठन को नए सिरे से खड़ा करने और उसमें नई जान फूंकने की तैयारियां तेज हो गई हैं। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने पूरे उत्तर प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन की मंशा जाहिर करते हुए ‘संगठन सृजन अभियान’ शुरू करने का फैसला लिया है। इस अभियान के अंतर्गत प्रदेश के सभी जिलों में चार-चार सदस्यों की पर्यवेक्षक टोलियां तैनात की जा रही हैं। इसी क्रम में पीलीभीत जिले की जिम्मेदारी AICC पर्यवेक्षक आर.सी. खूटिया को सौंपी गई है। इसके अलावा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) की ओर से तीन अन्य पर्यवेक्षक प्रेम प्रकाश अग्रवाल, कुमुद गंगवार और पारस शुक्ला को नियुक्त किया गया है। यह माना जा रहा है कि जिला और नगर अध्यक्ष पद पर अब नए चेहरों की ताजपोशी तय है।
जिले में पिछले 10 वर्षों के दौरान पार्टी का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है, जहाँ कोई बड़ा जन-आंदोलन खड़ा नहीं किया जा सका और न ही पार्टी का कोई प्रत्याशी किसी बड़े पद पर चुनाव जीत सका। संगठन की लाचारी का आलम यह रहा कि नगर पंचायत कलीनगर में चुनाव जीतने वाली कांग्रेस प्रत्याशी भी चुनाव के तुरंत बाद भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गई और संगठन उन्हें रोक पाने में पूरी तरह नाकाम रहा। स्थिति तब और ज्यादा गंभीर हो गई जब बीते लोकसभा चुनावों में पूर्व कांग्रेसी नेता जितिन प्रसाद के भाजपा उम्मीदवार बनने पर कई निष्ठावान कांग्रेसी अनौपचारिक रूप से भाजपा समर्थक बन गए। इस उथल-पुथल के दौर में कई वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस का दामन छोड़ दिया, जबकि विचारधारा से समझौता न करने वाले पुराने कार्यकर्ताओं को हाशिए पर धकेल दिया गया, जिससे वे भी निष्क्रिय होकर घरों में बैठने पर मजबूर हो गए।
जिले में लगभग समाप्त हो चुकी पार्टी की जड़ों को सींचने और संगठन में ऊर्जा भरने के लिए अब यह पर्यवेक्षक टीम पीलीभीत का दौरा करेगी। यह टीम कई दिनों तक जिले में प्रवास करके कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं से सीधा संवाद स्थापित करेगी। बातचीत और जमीनी फीडबैक के आधार पर तीन-तीन संभावित दावेदारों के नाम का एक पैनल तैयार किया जाएगा, जिसे अंतिम निर्णय के लिए उच्च समिति को सौंपा जाएगा। इस उच्च समिति में कांग्रेस के संगठन महामंत्री के.सी. वेणुगोपाल और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय जैसे दिग्गज नेता शामिल हैं। अब देखना यह होगा कि इस कसरत से पीलीभीत में कांग्रेस अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने में कितनी कामयाब हो पाती है।