पीलीभीत। उत्तर प्रदेश शासन की महत्वाकांक्षी योजना ‘मिशन शक्ति 5.0’ के द्वितीय चरण के अंतर्गत पीलीभीत पुलिस ने महिलाओं और बेटियों को सशक्त बनाने के लिए कमर कस ली है। इसी कड़ी में शुक्रवार को थाना बीसलपुर क्षेत्र के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में एक भव्य जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया, जहाँ पुलिस के आला अधिकारियों ने छात्राओं और महिलाओं के भीतर आत्मविश्वास का संचार किया।

सुरक्षा की पहली सीढ़ी: जागरूकता और सतर्कता

गोष्ठी में मुख्य रूप से सहायक पुलिस अधीक्षक (क्षेत्राधिकारी सदर) सुश्री नताशा गोयल और क्षेत्राधिकारी बीसलपुर ने शिरकत की। कस्तूरबा विद्यालय की छात्राओं, शिक्षिकाओं और आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को संबोधित करते हुए अधिकारियों ने कहा कि आज के समय में जागरूक रहना ही सुरक्षा की सबसे पहली सीढ़ी है। उन्होंने महिलाओं को किसी भी विषम परिस्थिति में घबराने के बजाय धैर्य और साहस से काम लेने के लिए प्रेरित किया।

साइबर अपराध और आत्मरक्षा पर विशेष जोर

बढ़ते डिजिटल अपराधों को देखते हुए एएसपी नताशा गोयल ने छात्राओं को साइबर फ्रॉड के प्रति विशेष रूप से आगाह किया। उन्होंने सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और अजनबियों से दूरी बनाए रखने के टिप्स साझा किए। साथ ही, बालिकाओं को आत्मरक्षा (Self-Defense) के मूलभूत तरीकों के बारे में बताया गया ताकि वे अपनी सुरक्षा स्वयं करने में सक्षम बन सकें।

आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों का हुआ प्रचार-प्रसार

कार्यक्रम के दौरान सरकार द्वारा संचालित विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी कार्ड और पंपलेट्स के माध्यम से दी गई। पुलिस ने जोर देकर कहा कि ये नंबर महिलाओं के सबसे बड़े साथी हैं:

  • 1090: महिला हेल्पलाइन (वीमेन पावर लाइन)
  • 112: पुलिस आपातकालीन सेवा
  • 1098: चाइल्ड हेल्पलाइन
  • 1930: साइबर अपराध रिपोर्टिंग

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में महिलाओं के भीतर सुरक्षा का भाव पैदा करना और उन्हें यह अहसास कराना है कि पुलिस हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।


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