अमेरिका और इज़रायल के साथ बढ़ते सैन्य संघर्ष के बीच ईरान और चीन के बीच एक बेहद घातक रक्षा सौदे की खबर ने दुनिया भर में हलचल मचा दी है। युद्ध के 17वें दिन यह जानकारी सामने आई है कि ईरान ने अपनी मारक क्षमता को कई गुना बढ़ाने के लिए चीन से 1000 ‘सुसाइड प्लेन’ (कामीकाजे ड्रोन) खरीदे हैं। इन घातक ड्रोन विमानों की खेप अगले कुछ ही दिनों में तेहरान पहुँचने वाली है।

इस सौदे की सबसे बड़ी खासियत इसका लेनदेन का तरीका है; आर्थिक प्रतिबंधों के बीच ईरान इन अत्याधुनिक हथियारों के बदले चीन को भारी मात्रा में कच्चा तेल (Crude Oil) उपलब्ध कराएगा। ये ‘सुसाइड प्लेन’ पूरी तरह से रिमोट कंट्रोल से संचालित होते हैं और लक्ष्य को पहचानकर उससे टकराकर खुद को नष्ट कर देते हैं, जिससे दुश्मन के सैन्य ठिकानों को भारी नुकसान पहुँचता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान द्वारा इतनी बड़ी संख्या में चीनी ड्रोन हासिल करना मध्य पूर्व (Middle East) की जंग में पासा पलट सकता है। ईरान पहले ही इज़रायल और खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर हजारों ड्रोन हमले करने का दावा कर चुका है। चीन की इस सीधी एंट्री ने न केवल इस युद्ध की आग को और भड़का दिया है, बल्कि अमेरिकी और इज़रायली स्पेस इंटेलिजेंस के वर्चस्व को भी कड़ी चुनौती दी है। इस सौदे के बाद अब खाड़ी क्षेत्र में तनाव अपने चरम पर पहुँच गया है।

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