पीलीभीत। शासकीय कार्यों में पारदर्शिता और कर्मचारियों की समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने आज प्रातः 10:20 बजे कलेक्ट्रेट, जिला पंचायत, विकास भवन तथा कलेक्ट्रेट परिसर स्थित विभिन्न विभागीय कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों व कर्मचारियों की उपस्थिति पंजिका (अटेंडेंस रजिस्टर) की गहन जांच की, जिसमें बड़े पैमाने पर गैरहाजिरी उजागर हुई। औचक निरीक्षण के दौरान कुल 10 वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न विभागों के 60 कर्मचारी अपने कार्यालयों से अनुपस्थित पाए गए।

विभागीय आंकड़ों के अनुसार, कलेक्ट्रेट कार्यालयों से 12, जिला पंचायत से 15, ट्रेजरी एवं जिला पूर्ति कार्यालय से 7-7, जिला पंचायतराज अधिकारी कार्यालय से 5, मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय से 3, निर्वाचन, डूडा और पीओ पीआरडी कार्यालयों से 2-2 तथा समाज कल्याण, अर्थ एवं संख्याधिकारी, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी, मत्स्य एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण कार्यालयों से 1-1 कर्मचारी अनुपस्थित मिले। इसके अलावा जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, अपर मुख्य विकास अधिकारी, सहायक निबन्धक सहकारिता, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, अधिशासी अभियन्ता (RES), एई (RES), पीडी डीआरडीए एवं जिला मत्स्य अधिकारी जैसे प्रमुख विभागाध्यक्ष भी अपने कार्यालयों से नदारद पाए गए।

सरकारी तंत्र की इस बड़ी लापरवाही और अनुशासनहीनता पर सख्त रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने त्वरित कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने सभी अनुपस्थित पाए गए 10 अधिकारियों और 60 कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, संबंधित सभी कार्मिकों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए उनसे इस लापरवाही पर स्पष्टीकरण मांगने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी की इस कड़ी कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
