दियोरिया कला PILIBHIT। विकास खंड बरखेड़ा की ग्राम पंचायत रंभोजा में मनरेगा योजना के तहत हुए विकास कार्यों में भारी अनिमियतता का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि मूंगा लाल के घर से कढ़ेराम के घर तक सीसी रोड एवं नाली निर्माण का कार्य केवल कागजों (अभिलेखों) में ही दर्शाया गया है, जबकि धरातल पर वर्षों पुराना खड़ंजा ही मौजूद है। इस संबंध में रंभोजा निवासी ईश्वरी प्रसाद समेत सात ग्रामीणों ने 14 जुलाई 2026 को जिलाधिकारी को शपथपत्र, मनरेगा दस्तावेज, पहचान पत्र और मौके की तस्वीरों के साथ शिकायती पत्र सौंपकर दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।
शिकायत का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर सोमवार को जिला विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह के नेतृत्व में एक जांच टीम ने गांव पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया। हालांकि, ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यह जांच महज एक औपचारिकता बनकर रह गई, क्योंकि टीम ने मौके पर मौजूद खड़ंजे का अभिलेखों (मास्टर रोल, एमबी, भुगतान विवरण और कार्य की तस्वीरों) से सही तरीके से भौतिक सत्यापन नहीं किया। जहां एक ओर ग्राम पंचायत सचिव ने जांच में दोष सिद्ध होने पर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की बात कही है, वहीं ग्रामीणों ने डीएम से निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच कराकर सरकारी धन के गबन में लिप्त दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।