पीलीभीत। वन एवं वन्यजीव प्रभाग की टीम ने शनिवार को सटीक सूचना पर न्यूरिया कस्बा में अवैध रूप से संचालित लकड़ी के गोदामों पर छापेमारी कर बड़ी सफलता हासिल की है। प्रभागीय निदेशक वन एवं वन्यजीव प्रभाग भरत कुमार डीके और उप प्रभागीय वन अधिकारी रमेश चौहान के निर्देशन में गठित संयुक्त टीम ने कस्बा निवासी शादाब पुत्र रब्बा के दो गोदामों पर औचक छापा मारा।
छापेमारी के दौरान गोदामों के गेट पर ताला बंद पाया गया, जिसके बाद अभियुक्त को मौके पर बुलाने का प्रयास किया गया। हालांकि, अभियुक्त के मौके पर न पहुंचने के कारण वन विभाग की टीम ने स्थानीय थाना न्यूरिया पुलिस की मदद ली और दोनों गोदामों के ताले तुड़वाकर भीतर प्रवेश किया।
गोदामों के अंदर छानबीन करने पर वन विभाग की टीम को जंगल से अवैध रूप से काटकर लाई गई भारी मात्रा में बेशकीमती लकड़ियां बरामद हुईं। दोनों स्थलों से यूकेलिप्टस, सागौन तथा साल प्रजाति का भारी मात्रा में जलौनी प्रकाष्ठ (लकड़ी) और तीन नग सागौन के गोल प्रकाष्ठ (लट्ठे) बरामद किए गए। इसके साथ ही मौके से अवैध लकड़ी का ढुलान करने में इस्तेमाल होने वाला एक ट्रैक्टर, वजन तोलने वाला कांटा और लकड़ी चिरान करने वाली आरी भी जब्त की गई है। वन विभाग ने बरामद सभी प्रकाष्ठ और उपकरणों को अपनी अभिरक्षा में ले लिया है और वाहनों की व्यवस्था कर उन्हें सुरक्षित रेंज परिसर पीलीभीत लाया गया है। फरार अभियुक्त शादाब के विरुद्ध वन अधिनियम के तहत वन अपराध दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
दो दिन पूर्व भी तीन गोदामों पर हुई थी बड़ी कार्रवाई
वन विभाग की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से न्यूरिया और आसपास के इलाकों के अवैध लकड़ी तस्करों में हड़कंप मच गया है। गौरतलब है कि वन विभाग की टीम ने इस इलाके में लकड़ी माफियाओं के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए दो दिन पूर्व भी एक बेहद गोपनीय अभियान चलाया था। उस दौरान टीम ने न्यूरिया क्षेत्र में ही तीन अलग-अलग गोदामों पर एक साथ छापेमारी की थी, जहां से भारी मात्रा में अवैध रूप से डंप की गई प्रतिबंधित प्रजातियों की लकड़ियां बरामद की गई थीं।
लगातार हो रही इन बड़ी कार्यवाहियों से साफ है कि न्यूरिया क्षेत्र अवैध लकड़ी के भंडारण और काले कारोबार का एक बड़ा केंद्र बनता जा रहा था, जिस पर अब प्रभागीय वन अधिकारी की पैनी नजर है। विभाग के आला अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दो दिन पूर्व हुई छापेमारी और आज की कार्रवाई के तार आपस में जुड़े हो सकते हैं, जिसकी गहनता से जांच की जा रही है।
छापेमारी करने वाली संयुक्त टीम
इस पूरी बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में मुख्य रूप से क्षेत्रीय वन अधिकारी विनीत श्रीवास्तव, पीलीभीत रेंज के उप क्षेत्रीय वन अधिकारी दिग्विजय सिंह व शेर सिंह, वन दरोगा शैलेंद्र कुमार, श्रीमती रितु, नवीन सिंह वोरा, सिद्धार्थ मिश्रा, राहुल कुमार और वनरक्षक रणजीत सिंह शामिल रहे। वन अधिकारियों का कहना है कि पर्यावरण और कीमती वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और आने वाले दिनों में इस तरह के और भी कड़े कदम उठाए जाएंगे।