रुद्रपुर। उत्तराखंड में फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत एसटीएफ को एक और बड़ी सफलता मिली है। एसटीएफ ने सितारगंज-रुद्रपुर क्षेत्र में ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से दो पिस्टल और 31 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
एसटीएफ कुमाऊं के निरीक्षक महेंद्र पाल सिंह ने बताया कि अभियान के तहत अब तक 09 आरोपियों की गिरफ्तारी, 14 अवैध हथियार, 341 कारतूस और कई फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस प्रकरण की जांच पूरी गंभीरता और पेशेवर तरीके से की जा रही है तथा इसमें संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह के अनुसार राज्य में बाहरी राज्यों से स्थानांतरित होकर आए शस्त्र लाइसेंसों की वैधता और सत्यता की व्यापक जांच जारी है। इसी क्रम में 4 जून 2026 को कोतवाली काशीपुर में दर्ज मुकदमे की विवेचना के दौरान एसटीएफ टीम ने देर रात दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान करनजीत सिंह निवासी भुड़िया कॉलोनी, बहेड़ी (हाल निवासी सितारगंज) तथा विक्रमजीत सिंह तूर निवासी सितारगंज के रूप में हुई है। दोनों के कब्जे से एक सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल .30 बोर, एक सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल .32 बोर और 31 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
एसटीएफ ने बताया कि पूरे नेटवर्क की कड़ियों को खंगाला जा रहा है और जांच में सामने आने वाले अन्य संदिग्धों के खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान में एसटीएफ की विशेष टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।