रुद्रपुर। भारत विकास परिषद उत्तर मध्य क्षेत्र की दो दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला का रविवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस कार्यशाला में परिषद के सभी आठ प्रांतों के लगभग 124 सदस्यों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय समन्वयक गजेन्द्र सिंह संधू और राष्ट्रीय महामंत्री सुनील खेड़ा ने दीप प्रज्वलित कर किया।
सेवा और संस्कारों पर मंथन:
कार्यशाला के दौरान इस विषय पर गहन चर्चा हुई कि समाज में संस्कारयुक्त सेवा को कैसे बढ़ावा दिया जाए। निर्णय लिया गया कि अधिक जनसंख्या वाले बड़े नगरों में बड़े सेवा प्रोजेक्ट शुरू किए जाएं, ताकि अधिक से अधिक लोगों को परिषद की सेवाओं का लाभ मिल सके।
वक्ताओं के मुख्य विचार:
- गजेन्द्र सिंह संधू (राष्ट्रीय समन्वयक): उन्होंने कहा कि यदि कार्यकर्ता स्वयं संस्कारित होगा, तो उसका प्रभाव पूरे समाज पर पड़ेगा।
- सुनील खेड़ा (राष्ट्रीय महामंत्री): उन्होंने ‘शाखा’ को परिषद की मूल इकाई बताते हुए कहा कि यदि जमीनी स्तर पर कार्य ठीक होगा, तो पूरा समाज लाभान्वित होगा।
- संजीव मिगलानी (राष्ट्रीय वित्त मंत्री): उन्होंने वित्तीय पारदर्शिता पर जोर देते हुए हर शाखा को बैलेंस शीट बनाने और सभी भुगतान चेक के माध्यम से करने की सलाह दी।
- डॉ. जेआर भट्ट: उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का संचालन:
क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रवीण गर्ग ने अध्यक्षीय भाषण दिया, जबकि मंच का संचालन क्षेत्रीय महासचिव राजीव गोयल ने किया। अंत में नरेन्द्र अरोड़ा ने सभी आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर डॉ. केशव दत्त गुप्ता, पवन गौतम, इन्दु वार्ष्णेय और राजेश सलूजा सहित कई गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।
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