इस्लामाबाद/वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष विराम (Ceasefire) की समयसीमा बुधवार रात समाप्त हो रही है, जिसने दुनिया भर में ‘महायुद्ध’ का खतरा बढ़ा दिया है। इस तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तान ने कूटनीतिक मोर्चा संभाला है, लेकिन फिलहाल सफलता मिलती नहीं दिख रही है।
पाकिस्तान की 14 दिन की मोहलत की मांग
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने दोनों देशों से शांति वार्ता को एक और मौका देने के लिए 14 दिन के अतिरिक्त समय की मांग की है। पाकिस्तान की कोशिश है कि दोनों मुल्कों को बातचीत की मेज पर लाया जाए ताकि खाड़ी क्षेत्र में किसी भी बड़े सैन्य टकराव को टाला जा सके।
जेडी वेंस बनाम ईरान का कड़ा रुख
कूटनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) स्थिति की समीक्षा और वार्ता के लिए जल्द ही इस्लामाबाद पहुँच सकते हैं। हालांकि, ईरान ने फिलहाल अपना कोई भी प्रतिनिधिमंडल (Delegation) पाकिस्तान भेजने से साफ इनकार कर दिया है। ईरान का कहना है कि जब तक उनकी शर्तें नहीं मानी जातीं, वार्ता का कोई औचित्य नहीं है।
ट्रंप की वापसी और बढ़ता दबाव
डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन का ईरान के प्रति सख्त रवैया और ईरान की अपनी शर्तों पर अड़े रहने की जिद ने कूटनीतिक कोशिशों को मुश्किल बना दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बुधवार रात तक समयसीमा नहीं बढ़ाई गई, तो क्षेत्र में बड़े हमले शुरू हो सकते हैं।
(आधुनिक दुनिया को सभी स्थानों पर संवाददाताओं की आवश्यकता है। इच्छुक संपर्क करें- 8923815100 व्हाट्अप पर अपना नाम, स्थान, यदि कोई अनुभव है तो उसकी जानकारी और कहां से संवाददाता बनना चाहते हैं उस स्थान का नाम लिखें संपर्क करें। यदि आप पत्रकारिता सीखने के इच्छुक हैं, तो भी संपर्क कर सकते हैं।)