नाकोटी (त्रिपुरा)। त्रिपुरा के उनाकोटी जिले के पानीसागर क्षेत्र से जालसाजी और धोखाधड़ी का एक बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। पुलिस ने देश की सुरक्षा से जुड़े प्रतिष्ठित बल ‘सीमा सुरक्षा बल’ (BSF) का फर्जी जवान बनकर पिछले दो वर्षों से स्थानीय व्यापारियों को ठगने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान उत्तम चकमा के रूप में हुई है, जिसे स्थानीय व्यापारियों की मुस्तैदी के बाद दबोचा गया।

खुद को BSF कर्मी बताकर ऐंठता था पैसे और सामान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी उत्तम चकमा पिछले करीब दो साल से पानीसागर और आसपास के बाजारों में खुद को बीएसएफ (BSF) का सक्रिय जवान बताता था। देश के जवानों के प्रति व्यापारियों और आम जनता के मन में रहने वाले सम्मान का फायदा उठाकर वह स्थानीय दुकानदारों से मोटी रकम उधार लेता था। इसके अलावा, वह अपनी फर्जी सैन्य पहचान की धौंस दिखाकर दुकानों से बिना भुगतान किए कीमती सामान और राशन भी उठा लेता था। लंबे समय तक जब उसने किसी भी व्यापारी का पैसा वापस नहीं किया, तो दुकानदारों को उसकी गतिविधियों पर गहरा संदेह हुआ।

व्यापारियों ने जाल बिछाकर पकड़ा, पुलिस को सौंपा
मंगलवार को पानीसागर के पीड़ित व्यापारियों ने एकजुट होकर रणनीति बनाई और आरोपी उत्तम चकमा को घेरकर रंगे हाथों पकड़ लिया । जब उससे उसकी सैन्य आईडी और बटालियन के बारे में कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसकी पोल खुल गई। इसके बाद गुस्साए व्यापारियों ने बिना समय गंवाए आरोपी को स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को आधिकारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है।

गहन जांच में जुटी पुलिस
उनाकोटी जिला पुलिस ने आरोपी उत्तम चकमा के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और सेना/सुरक्षा बल की फर्जी पहचान का इस्तेमाल करने की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब इस बात का पता लगा रही है कि इस दो साल लंबे फर्जीवाड़े के दौरान आरोपी ने कुल कितने लाख रुपये की ठगी की है और क्या इस पूरी साजिश में बीएसएफ की वर्दी या फर्जी दस्तावेज तैयार करने में उसके कुछ अन्य साथी भी शामिल थे।


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