पंचकूला। हरियाणा की पंचकूला साइबर थाना पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ एक बहुत बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। पुलिस ने सेक्टर-2 स्थित एक आलीशान इमारत में चल रहे अवैध और फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर (Fake Call Center) पर अचानक छापा मारकर एक बड़े इंटरनेशनल साइबर ठगी गिरोह का सनसनीखेज भंडाफोड़ किया है। इस हाईटेक नेटवर्क के जरिए भारत में बैठकर अमेरिकी नागरिकों को अपना शिकार बनाया जा रहा था। पुलिस ने मौके से 4 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ ही कुल 21 लोगों को हिरासत में लिया है।

अमेज़न अधिकारी बनकर अमेरिकी नागरिकों से उड़ाते थे डॉलर
साइबर थाना पुलिस के आला अधिकारियों के मुताबिक, गुप्त सूचना के आधार पर सेक्टर-2 के इस फर्जी कॉल सेंटर पर रेड की गई थी। जांच में सामने आया कि इस सेंटर में काम करने वाले युवक-युवतियां खुद को ई-कॉमर्स दिग्गज ‘अमेज़न’ (Amazon) के कस्टमर केयर अधिकारी बताते थे। वे अमेरिकी नागरिकों (US Citizens) को झांसे में लेकर उनके अकाउंट ब्लॉक होने या सिक्योरिटी अपग्रेड का डर दिखाते थे। इसके बाद वे अमेरिकी नागरिकों से उनकी गोपनीय बैंकिंग और क्रेडिट कार्ड से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल कर उनके खातों से डॉलर उड़ा लेते थे।

छापेमारी में भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक्स और ₹11.30 लाख कैश जब्त
पुलिस टीम ने जब इस फर्जी कॉल सेंटर के भीतर दबिश दी, तो वहां का हाईटेक नजारा देखकर दंग रह गई। मौके से पुलिस ने ठगी में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों का बड़ा जखीरा बरामद किया है, जिसमें शामिल हैं:

  • नकदी: 11 लाख 30 हजार रुपये (₹11.30 लाख) नगद।
  • सिस्टम: 19 हाईटेक कंप्यूटर और 3 लैपटॉप।
  • अन्य गैजेट्स: पीओएस (POS) मशीनें, हेडसेट, सर्वर और कई अन्य डिजिटल उपकरण।

ये हैं मुख्य आरोपी, पुलिस खंगाल रही है इंटरनेशनल कनेक्शन
मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पंचकूला पुलिस ने गिरोह के चार मुख्य मास्टरमाइंड्स को आधिकारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है, जिनकी पहचान नवदीप, अक्षय टिक्कू, रजा और अंकुर कपूर के रूप में हुई है। इनके साथ काम कर रहे अन्य 17 कर्मचारियों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

साइबर थाना पुलिस अब इस पूरे रैकेट के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क (International Connection) को खंगालने में जुट गई है। पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि यह नेटवर्क कब से सक्रिय था, अब तक अमेरिकी नागरिकों से कितने करोड़ रुपयों की ठगी की जा चुकी है और इस हवाला या डॉलर ट्रांजैक्शन के तार विदेशों में किन-किन अन्य लोगों से जुड़े हुए हैं।


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