भारत सरकार द्वारा न्याय प्रणाली को अधिक सुगम और प्रभावी बनाने तथा अदालतों में लंबित मुकदमों के बोझ को कम करने के उद्देश्य से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के अंतर्गत ‘प्ली बार्गेनिंग’ का प्राविधान किया गया है।

इस संबंध में केन्द्रीय गृह सचिव द्वारा सभी मुख्य सचिवों को प्रेषित पत्र का उल्लेख करते हुए संयुक्त सचिव, उत्तराखण्ड शासन गजेन्द्र सिंह कफलिया द्वारा प्रदेश के पुलिस महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था, कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा विभाग, अपर सचिव चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग, निदेशक राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र, अपर निदेशक अभियोजन निदेशालय के साथ संयुक्त निदेशक विधि विज्ञान प्रयोगशाला उत्तराखण्ड को प्रेषित पत्र में अपेक्षा की गई है कि जनहित में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के अंतर्गत ‘प्ली बार्गेनिंग’ के प्राविधानों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के अंतर्गत ‘प्ली बार्गेनिंग’ के प्राविधानों को और अधिक गति मिल सके तथा न्यायिक प्रक्रिया को अधिक सरल, त्वरित और प्रभावी बनाया जा सके।

उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस संहिता के अन्तर्गत किए गए नवीन प्रावधानों का मुख्य उद्देश्य न्याय प्रणाली में सुगमता लाना एवं अदालतों पर लंबित मुकदमों के दबाव को कम करना है। इसके तहत न्याय प्रणाली में गतिशीलता लाने के लिए 7 वर्ष से कम कारावास की सजा वाले प्रकरणों में आरोप तय होने के 30 दिनों के भीतर आरोपी को ‘प्ली बार्गेनिंग’ के लिए आवेदन प्रस्तुत करने का वैधानिक अधिकार प्रदान किया गया है।

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