पीलीभीत। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक वीएम सिंह ने पीलीभीत में आयोजित कार्यक्रम के दौरान गन्ना बकाया भुगतान के मुद्दे पर सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि किसानों को उनके बकाए का भुगतान ब्याज सहित नहीं मिला, तो यह संघर्ष केवल जनपद स्तर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लखनऊ से लेकर दिल्ली तक सड़क से सदन तक लड़ा जाएगा।
गन्ना भुगतान के कानूनी प्रावधानों का हवाला देते हुए वीएम सिंह ने कहा कि अधिनियम के अनुसार चीनी मिलों द्वारा 14 दिन के भीतर भुगतान न किए जाने पर किसानों को ब्याज मिलने का स्पष्ट अधिकार है, परंतु सरकारें इस नियम के पालन से बच रही हैं। उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए ‘ब्याज नहीं तो वोट नहीं’ का नारा बुलंद किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट में ब्याज का मामला जीतने के बावजूद केंद्र और प्रदेश सरकारें उच्च न्यायालय के आदेशों के विरुद्ध जाकर किसानों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बड़े-बड़े दावे करने वाले अन्य किसान नेताओं के साथ-साथ विपक्ष के दिग्गज नेता राहुल गांधी और अखिलेश यादव ने भी इस गंभीर मुद्दे पर पूरी तरह चुप्पी साध रखी है।
प्रदेश के गन्ना मंत्री पर सीधा निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार किसानों का आर्थिक शोषण कर रही है और परोक्ष रूप से चीनी मिल मालिकों को अनुचित लाभ पहुंचा रही है। उन्होंने चिंता जताई कि वर्ष 2026-27 के लिए अभी तक नया गन्ना मूल्य घोषित नहीं किया गया है, मिलों पर हजारों करोड़ रुपये का बकाया अटका हुआ है और देश का अन्नदाता कर्ज के दलदल में धंसता जा रहा है।
वीएम सिंह ने ऐलान किया कि अब किसान अपने बुनियादी अधिकारों के लिए चुप बैठने वाले नहीं हैं। पीलीभीत से लेकर बागपत तक किसानों को संगठित कर एक वृहद आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी और आने वाले चुनावों में किसान स्वयं चुनावी मैदान में उतरकर अपने हक की हुंकार भरेंगे।