काठमांडू/नई दिल्ली। पड़ोसी देश नेपाल में भारी बारिश के बाद आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा के बीच पर्यटन क्षेत्र से एक बेहद परेशान करने वाली खबर सामने आ रही है। नेपाल के विभिन्न प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर आए 384 देशी-विदेशी पर्यटक अचानक लापता हो गए हैं। लापता लोगों में सबसे बड़ी संख्या भारतीय नागरिकों की बताई जा रही है, जिसके बाद भारतीय विदेश मंत्रालय और रेस्क्यू टीमें अलर्ट मोड पर आ गई हैं।

10 प्रमुख टूरिज्म एजेंसियों के डेटा से हुआ खुलासा

नेपाल टूरिज्म बोर्ड ने इस संकट के बीच लापता हुए सैलानियों की एक आधिकारिक सूची जारी की है। बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, यह संवेदनशील डेटा नेपाल की 10 प्रमुख रजिस्टर्ड टूरिज्म एजेंसियों से समन्वय स्थापित कर जुटाया गया है। लापता हुए कुल 384 लोगों में 291 विदेशी पर्यटक हैं, जबकि 93 नेपाली नागरिक (गाइड और स्थानीय स्टाफ) शामिल हैं।

लापता विदेशियों में 105 सिर्फ भारत के रहने वाले

इस आपदा का सबसे बड़ा असर भारतीय परिवारों पर पड़ता दिख रहा है। लापता घोषित किए गए 291 विदेशी नागरिकों में से 105 पर्यटक अकेले भारत के रहने वाले हैं। बाकी बचे 186 विदेशी सैलानियों की राष्ट्रीयता और उनके मूल देशों की पुष्टि के लिए दस्तावेजी जांच और दूतावासों से संपर्क साधने की प्रक्रिया तेजी से की जा रही है।

युद्ध स्तर पर शुरू हुआ सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन

नेपाल सरकार ने सेना, सशस्त्र पुलिस बल और स्थानीय प्रशासन को प्रभावित ट्रैकिंग रूट्स और टूरिस्ट स्पॉट्स पर सर्च ऑपरेशन तेज करने के निर्देश दिए हैं। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास भी लगातार नेपाल टूरिज्म बोर्ड और आपदा प्रबंधन इकाइयों के संपर्क में है, ताकि लापता भारतीय नागरिकों की सटीक लोकेशन का पता लगाकर उन्हें सुरक्षित निकाला जा सके। खराब मौसम के कारण कई पहाड़ी इलाकों में हवाई रेस्क्यू (हेलिकॉप्टर सेवा) में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

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