काठमांडू/पटना। पड़ोसी देश नेपाल के रसुवा जिले से इस समय की बेहद दर्दनाक और बड़ी खबर सामने आ रही है। रसुवा के स्याब्रुबेसी क्षेत्र में बहने वाली भोटे कोशी नदी में बुधवार को अचानक आई विनाशकारी बाढ़ (Flash Flood) ने भारी तबाही मचा दी है। इस भीषण बाढ़ की चपेट में आने से एक निर्माणाधीन हाइड्रो प्रोजेक्ट के इंजीनियरों और कर्मचारियों समेत 60 से अधिक लोग लापता हो गए हैं, जिससे भारत-नेपाल सीमा पर भी हड़कंप मच गया है।
निर्माणाधीन हाइड्रो प्रोजेक्ट पूरी तरह बाढ़ की चपेट में
आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, स्याब्रुबेसी क्षेत्र में 20 मेगावाट की लांगटांग खोला जलविद्युत परियोजना (Langtang Khola Hydropower Project) का निर्माण कार्य चल रहा था। बुधवार को भोटे कोशी नदी का जलस्तर अचानक कई फीट ऊपर उठ गया और नदी का वेग इतना तीव्र था कि परियोजना स्थल पर काम कर रहे इंजीनियर, तकनीकी स्टाफ और मजदूर संभल भी नहीं पाए। बाढ़ के इस रेले के बाद से परियोजना में कार्यरत 60 से अधिक कर्मचारी अचानक संपर्क से बाहर (लापता) हैं।
मशीनें और इंफ्रास्ट्रक्चर बहे, रेस्क्यू ऑपरेशन में मौसम बनी बाधा
बाढ़ का पानी इतनी तेजी से प्रोजेक्ट साइट में घुसा कि वहां खड़ी भारी मशीनें, कंक्रीट मिक्सर और कर्मचारियों के अस्थाई आवास (टेंट) ताश के पत्तों की तरह बह गए। नेपाल सेना और सशस्त्र पुलिस बल (APF) की टीमें तुरंत मौके के लिए रवाना की गई हैं, लेकिन पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन और लगातार हो रही बारिश के कारण रे修क्यू ऑपरेशन (बचाव कार्य) चलाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लापता लोगों में विदेशी नागरिकों (संभावित भारतीय इंजीनियर्स) के होने की भी आशंका जताई जा रही है।
नेपाल की बाढ़ से भारत के बिहार राज्य में बढ़ी चिंता
नेपाल के ऊपरी पहाड़ी क्षेत्रों और भोटे कोशी नदी में आए इस भयानक उफान के बाद भारत-नेपाल सीमा से सटे बिहार के कई जिलों में बाढ़ का खतरा काफी बढ़ गया है। गंडक और कोशी नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में अचानक आए इस पानी के कारण बिहार के सीमावर्ती जिला प्रशासनों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। जल संसाधन विभाग नदी के तटबंधों की चौबीसों घंटे निगरानी कर रहा है।