सितारगंज (ऊधमसिंह नगर)। सितारगंज के नयागांव और आसपास के अंचलों में वायरल हेपेटाइटिस (पीलिया) का संदिग्ध प्रकोप फैलने के बाद स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह से अलर्ट और एक्शन मोड पर आ गया है। मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) डॉ. के.के. अग्रवाल के कड़े दिशा-निर्देशों पर गठित की गई रैपिड रिस्पांस टीम (RRT) ने बृहस्पतिवार को प्रभावित क्षेत्रों का सघन दौरा कर युद्धस्तर पर घर-घर सर्वे, संदिग्ध मरीजों की पैथोलॉजिकल जांच और व्यापक जन-जागरूकता अभियान का संचालन किया। स्वास्थ्य विभाग की इस त्वरित और मुस्तैद कार्रवाई से प्रभावित ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

बृहस्पतिवार को आरआरटी (RRT) की विशेष टीम ने स्थानीय आशा कार्यकर्ताओं और कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (CHO) के मजबूत सहयोग से गांव के प्रत्येक घर में जाकर एक सघन ‘एक्टिव केस सर्च अभियान’ चलाया [2026-06-04]। इस विशेष अभियान के तहत टीम द्वारा क्षेत्र में बुखार, अत्यधिक कमजोरी, भूख में कमी, उल्टी, पेट दर्द तथा आंखों व त्वचा के पीले पड़ने जैसे गंभीर पीलिया के लक्षणों से जूझ रहे संदिग्ध लोगों की बारीकी से पहचान की गई। मौके पर ही इन संदिग्ध मरीजों का प्रारंभिक स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद, बीमारी की सटीक पुष्टि के लिए उनके रक्त (ब्लड) के सैंपल एकत्र कर लैब जांच के लिए भेजे गए हैं। इसके साथ ही, स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राजकीय प्राथमिक विद्यालय, नकहा में एक दिवसीय विशेष स्वास्थ्य शिविर (Medical Camp) का आयोजन भी किया [2026-06-04]। शिविर में पहुंचे अनुभवी चिकित्सकों ने दर्जनों ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की और उन्हें निशुल्क दवाएं, ओआरएस पैकेट व आवश्यक चिकित्सीय परामर्श उपलब्ध कराया।

चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. आरडी भट्ट ने बीमारी की संवेदनशीलता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्तमान में मरीजों में मिल रहे लक्षणों के आधार पर हेपेटाइटिस ‘ए’ (Hepatitis A) अथवा हेपेटाइटिस ‘ई’ (Hepatitis E) के संक्रमण की प्रबल संभावना को ध्यान में रखते हुए कड़ा कस्टमाइज्ड सर्विलांस किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये दोनों ही संक्रमण मुख्य रूप से दूषित भोजन और दूषित पेयजल (Contaminated Water) के सेवन के कारण महामारी का रूप लेते हैं। उधर, उप जिला चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. कुलदीप यादव ने बताया कि बीमारी के मुख्य सोर्स (उद्गम स्थल) को तलाशने के लिए आईडीएसपी (एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम) की टीम ने नकहा गांव में स्थित सार्वजनिक पेयजल स्रोतों, सार्वजनिक हैंडपंपों और मुख्य पीड़ित परिवार के घर के नलों सहित तीन अलग-अलग पानी के सैंपल वैज्ञानिक जांच के लिए एकत्रित किए हैं। दूसरी तरफ, आरआरटी सदस्य डॉ. सुधीर गुप्ता ने सितारगंज के दो प्रमुख निजी अस्पतालों का औचक भ्रमण कर वहां भर्ती पीलिया पीड़ित मरीजों के स्वास्थ्य की व्यक्तिगत जानकारी ली और अस्पताल प्रबंधनों को बेहतर उपचार व्यवस्था सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए।


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