देहरादून (उत्तराखंड): राजधानी के राजपुर क्षेत्र में आज सुबह का सन्नाटा गोलियों की तड़तड़ाहट से गूँज उठा। उत्तराखंड पुलिस और बेखौफ बदमाशों के बीच हुई सीधी मुठभेड़ (Encounter) में रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी की हत्या के मुख्य आरोपी कावीश और शांतनु त्यागी को दबोच लिया गया है। आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई जवाबी फायरिंग में शूटर कावीश के पैर में गोली लगी है, जिसे तुरंत दून अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जोहड़ी गांव के पास हुई भीषण मुठभेड़
एसएसपी देहरादून के नेतृत्व में एसओजी और राजपुर पुलिस की संयुक्त टीम लगातार फरार शूटरों की तलाश में दबिश दे रही थी। सटीक सूचना पर जब पुलिस ने जोहड़ी गांव के पास घेराबंदी की, तो बाइक सवार बदमाशों ने सरेंडर करने के बजाय पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग झोंक दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने मोर्चा संभाला, जिसमें मुजफ्फरनगर निवासी कावीश घायल हो गया, जबकि उसके साथी शांतनु को पुलिस ने घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।
क्या था खूनी संघर्ष का कारण?
यह पूरी वारदात 30 मार्च की सुबह देहरादून के राजपुर रोड पर शुरू हुई थी। दरअसल, एक रात पहले “Gen-Z” क्लब में बिल भुगतान को लेकर दो गुटों में विवाद हुआ था। अगले दिन सुबह स्कॉर्पियो और फॉर्च्यूनर सवार बदमाशों के बीच सड़क पर ही गैंगवार छिड़ गई। इसी दौरान मॉर्निंग वॉक पर निकले 74 वर्षीय रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी बदमाशों की क्रॉस फायरिंग की चपेट में आ गए और उनकी दुखद मृत्यु हो गई।
बरामदगी और सख्त कार्रवाई
पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से बदमाशों के पास से एक अवैध पिस्तौल और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। देहरादून पुलिस अब तक इस मामले में क्लब मालिक समेत 9 से अधिक आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है। एसएसपी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि देवभूमि की कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
उत्तराखंड और देहरादून की हर महत्वपूर्ण खबर और अपडेट के लिए जुड़े रहें न्यूज़ पोर्टल तथा पेज ‘आधुनिक दुनिया’ [Adhunik Duniya] के साथ।
(आधुनिक दुनिया को सभी स्थानों पर संवाददाताओं की आवश्यकता है। इच्छुक संपर्क करें- 8923815100 व्हाट्अप पर अपना नाम, स्थान, यदि कोई अनुभव है तो उसकी जानकारी और कहां से संवाददाता बनना चाहते हैं उस स्थान का नाम लिखें संपर्क करें। यदि आप पत्रकारिता सीखने के इच्छुक हैं, तो भी संपर्क कर सकते हैं।)