देवरिया। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से एक बेहद दुखद और चिंताजनक खबर सामने आई है, जहाँ सरयू नदी में नहाने गए दो किशोर अचानक गहरे पानी में समा गए। इस खौफनाक हादसे को बीते 24 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद अब तक दोनों बच्चों का कोई सुराग नहीं लग सका है। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद इस मामले का संज्ञान लिया है और स्थानीय प्रशासन को राहत व बचाव कार्य में पूरी ताकत झोंकने के सख्त निर्देश दिए हैं। हालांकि, इस संवेदनशील मोड़ पर भी जिला स्तर के बड़े अधिकारियों के मौके पर न पहुँचने से स्थानीय ग्रामीणों और पीड़ित परिवारों में गहरा रोष व्याप्त है।
गहरे पानी का अंदाजा न होने से डूबे किशोर, NDRF की टीमें जुटीं
जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा सरयू नदी के तट पर उस समय हुआ जब दोनों किशोर अन्य साथियों के साथ नदी में नहाने के लिए उतरे थे। नहाते समय अचानक पैर फिसलने या गहरे पानी का सही अंदाजा न होने के कारण दोनों लहरों की चपेट में आ गए और देखते ही देखते गहरे पानी में विलीन हो गए। घाट पर मौजूद लोगों के शोर मचाने पर स्थानीय नाविकों और ग्रामीणों ने तुरंत तलाश शुरू की, लेकिन सफलता नहीं मिली। सूचना पर पहुँची एनडीआरएफ (NDRF) और स्थानीय गोताखोरों की टीमें स्टीमर व आधुनिक उपकरणों के साथ नदी के डेंजर जोन में लगातार महा-सर्च ऑपरेशन चला रही हैं, मगर तेज बहाव के कारण रेस्क्यू टीम के हाथ अब तक खाली हैं।
मुख्यमंत्री ने दिए रेस्क्यू तेज करने के कड़े आदेश, प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल
इस घटना पर लखनऊ से सीधा रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने स्थानीय प्रशासन को त्वरित कदम उठाने को कहा है। सीएम ने सख्त हिदायत दी है कि आपदा राहत बलों की अतिरिक्त टुकड़ियों को लगाकर रेस्क्यू ऑपरेशन को और तेज किया जाए ताकि बच्चों को जल्द से जल्द ढूंढा जा सके। दूसरी तरफ, धरातल पर स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना के इतने घंटे बीत जाने और मुख्यमंत्री के सीधे हस्तक्षेप के बावजूद जिला स्तर का कोई भी बड़ा प्रशासनिक अधिकारी (जैसे डीएम या एसपी) अभी तक जमीनी हकीकत जानने घटना स्थल पर नहीं पहुँचा है। अधिकारियों की इस कथित बेरुखी को लेकर पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे अपनों की सुरक्षित वापसी के लिए भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं।