पीलीभीत। जनपद की थाना घुंघचाई पुलिस और सर्विलांस टीम ने एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए इसके दो मुख्य सरगनाओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में की गई इस बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड हर्षित उर्फ तनिश को भोपाल और आशुतोष मिश्रा उर्फ पंकज को दिल्ली से दबोचा। इनके कब्जे से 7 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक पासपोर्ट और भारी मात्रा में संदिग्ध डेटा बरामद हुआ है। पकड़े गए अभियुक्तों ने फेयरप्ले (fairplay247.games) जैसे गेमिंग ऐप्स के जरिए देशभर के करीब 20,000 लोगों से 5.5 करोड़ रुपये से अधिक की निवेश धोखाधड़ी की है।
पुलिस जांच के अनुसार, इस गिरोह के तार दुबई से जुड़े हुए हैं। गिरफ्तार सरगनाओं ने दुबई में रहकर फर्जी गेमिंग और कॉलिंग सेंटर संचालित करने की ट्रेनिंग ली थी। वहां से लौटने के बाद उन्होंने पीलीभीत और पूरनपुर क्षेत्र में अमृतपाल और उसके साथियों के माध्यम से अपना नेटवर्क फैलाया। यह गिरोह ‘एविएटर’ और ‘रम्मी’ जैसे गेमिंग ऐप्स के माध्यम से लोगों को पहले छोटी रकम जितवाकर विश्वास में लेता था और जब पीड़ित भारी रकम दांव पर लगाता था, तो उसका पूरा बैंक खाता खाली कर दिया जाता था। गिरोह की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके लैपटॉप में 50,000 से अधिक लोगों का डेटा और करोड़ों के ट्रांजैक्शन का विवरण मिला है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले दिसंबर 2025 में पुलिस ने इस गिरोह के 9 सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जिसके बाद से ये दोनों मुख्य सरगना ठिकाने बदल-बदल कर रह रहे थे। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी अपनी असली पहचान छिपाने के लिए होटलों में फर्जी आधार कार्ड का उपयोग करते थे। थाना घुंघचाई पुलिस ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ बीएनएस और आईटी एक्ट की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्यवाही की जा रही है। पुलिस अब इन अभियुक्तों के बैंक खातों के विश्लेषण के माध्यम से अन्य राज्यों में हुए फ्रॉड और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।