अमेठी। उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में जनगणना प्रशिक्षण के दौरान भोजन की गुणवत्ता को लेकर शुरू हुआ विवाद अब बड़ा प्रशासनिक एक्शन बन गया है। प्रशिक्षण के दौरान खाने को खराब बताने और बयानबाजी करने के आरोप में बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने एक शिक्षक को निलंबित कर दिया है, जबकि ब्लॉक अध्यक्ष समेत 13 अन्य शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

क्या है पूरा विवाद?

दरअसल, अमेठी के जामो ब्लॉक में जनगणना को लेकर शिक्षकों का प्रशिक्षण चल रहा था। इस दौरान शिक्षकों ने परोसे गए भोजन को लेकर नाराजगी जताई थी। आरोप था कि खाना गुणवत्तापूर्ण नहीं है। इस मामले में एक शिक्षक ने बयान देते हुए अपना विरोध दर्ज कराया था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

तहसीलदार की जांच और FIR

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर तहसीलदार गौरीगंज ने जांच की थी। प्रशासन का मानना है कि भोजन की गुणवत्ता मानक के अनुसार थी और शिक्षकों का विरोध भ्रामक था। इसी आधार पर तहसीलदार की तहरीर पर कार्रवाई शुरू की गई है।

इन पर गिरी गाज:

  • सस्पेंशन: वीडियो के जरिए बयान देने वाले शिक्षक ओम नारायण पांडेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें बहादुरपुर बीआरसी से संबद्ध (Attach) किया गया है।
  • नोटिस: शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष सहित 13 शिक्षकों को विभाग ने कारण बताओ नोटिस थमाया है।

शिक्षक संघ में रोष

एक तरफ प्रशासन इसे अनुशासनहीनता मान रहा है, वहीं दूसरी तरफ शिक्षक संघ इस कार्रवाई को तानाशाही बता रहा है। शिक्षकों का कहना है कि खराब खाने की शिकायत करना उनका अधिकार है और प्रशासन आवाज दबाने के लिए निलंबन जैसी कार्रवाई कर रहा है।

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